मॉनसूनी बारिश ने इस बार सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. पीटीआई के मुताबिक पिछले चार दिनों में देश भर में भारी बारिश से जुड़ी घटनाओं में 120 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. बिहार में पिछले 48 घंटों में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई है. राजधानी पटना तो लगभग झील में तब्दील हो गई है. शहर के सभी क्षेत्रों में पानी भर गया है. 80 फीसदी इमारतों के ग्राउंड फ्लोर में पानी है. बिजली, परिवहन और स्वास्थ्य जैसी तमाम जरूरी सेवाएं ठप हैं. शहर के कुछ इलाकों में निवासियों को बचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें लगी हुई हैं.

बीबीसी के मुताबिक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे आपदा जैसी स्थिति बताया है. मौजूदा स्थिति पर उन्होंने कहा, ‘लोगों को भी अपना मन और हौसला थोड़ा बुलंद रखना चाहिए. नेचर किसी के हाथ में नहीं है. यहां तक कि मौसम विज्ञान भी सुबह कुछ कहता है और दोपहर तक बात बदल जाती है. ऐसी परिस्थिति में हिम्मत से काम लेने की ज़रूरत है.’

उधर, उत्तर प्रदेश में गुरुवार से अब तक कम से कम 93 लोगों की मौत हो चुकी है. राज्य सरकार की एक रिपोर्ट के अनुसार रविवार को 14 लोगों की मौत हो गई. इससे पहले शनिवार को 25 और शुक्रवार को 18 लोगों की मौत हो गई थी. राज्य में घाघरा और शारदा नदियां कई स्थानों पर सामान्य जल स्तर से ऊपर बह रही हैं. गुजरात, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी भारी बारिश जारी है.

उधर मौसम विभाग ने कहा है कि मानसून की वापसी में और भी देर हो सकती है. विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने रविवार को बताया कि चार महीने का मानसून का मौसम वैसे तो सोमवार को आधिकारिक तौर पर खत्म होने जा रहा है किंतु, सप्ताहांत तक इसके खत्म होने के आसार नहीं हैं.