उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से लखनऊ तक पैदल मार्च से पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद और कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अध्यक्ष कौशल मिश्रा को नजरबंद कर दिया गया है. पार्टी विधानमंडल दल के नेता समेत 82 पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. यह मार्च चिन्मयानंद प्रकरण में पीड़ित छात्रा की गिरफ्तारी के विरोध में आयोजित किया रहा है. कांग्रेस जिलाध्यक्ष कौशल मिश्रा ने पीटीआई को बताया कि अधिकारियों ने उनसे आकर कहा है कि उन्हें और जितिन प्रसाद को नजरबंद कर दिया गया है और अब कोई पद यात्रा नहीं निकालने दी जाएगी.

भाजपा नेता चिन्मयानंद पर कानून की पढ़ाई कर रही एक छात्रा ने एक साल तक यौन शोषण करने का आरोप लगाया है. अभी तक चिन्मयानंद के विरुद्ध बलात्कार का मामला दर्ज नहीं हुआ है. वे इस समय न्यायिक हिरासत में हैं. उधर, पीड़िता को पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था. फिलहाल वह भी न्यायिक हिरासत में है. कांग्रेस ने राज्य सरकार पर चिन्मयानंद के प्रति रियायत बरतने और छात्रा पर जुल्म करने का आरोप लगाते हुए छात्रा को इंसाफ दिलाने के लिए शाहजहांपुर से लखनऊ तक न्याय यात्रा निकालने का ऐलान किया था.