पाकिस्तान ने नवंबर में होने वाले करतारपुर गलियारे के उद्घाटन समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आमंत्रित करने का फैसला किया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सोमवार को मीडिया को इसकी जानकारी दी.

पीटीआई के मुताबिक कुरैशी ने एक टीवी चैनल को बताया, ‘करतारपुर गलियारे का उद्घाटन एक बड़ा कार्यक्रम है, पाकिस्तान इसकी जोर-शोर से तैयारी कर रहा है. हमने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इसमें बुलाने का निर्णय किया है. हम जल्दी ही इस बारे में उन्हें एक औपचारिक पत्र भेजेंगे.’

पाकिस्तानी विदेश मंत्री का आगे कहना था, ‘मनमोहन सिंह सिख समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं. उनका और उन सिख श्रद्धालुओं का स्वागत करके हमें बहुत प्रसन्नता होगी, जो गुरु नानक देव के 550 वें प्रकाश पर्व पर करतारपुर आने वाले हैं.’

भारतीय सिख श्रद्धालुओं के लिए पाकिस्तान ने करतारपुर गलियारे को नौ नवंबर से खोलने की घोषणा की है. यह गलियारा पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब और भारत के गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक साहिब को जोड़ेगा. करतारपुर साहिब गुरुद्वारा की स्थापना सिखों के संस्थापक गुरु गुरुनानक देव जी ने 1522 में की थी. पाकिस्तान करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब के लिए भारतीय सीमा तक गलियारे का निर्माण कर रहा है, जबकि पंजाब के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक से दूसरे हिस्से तक का निर्माण भारत द्वारा किया जाएगा.

दोनों देश इस बात पर सहमत हुए हैं कि पाकिस्तान गलियारे के जरिये प्रतिदिन पांच हजार श्रद्धालुओं को अपने यहां आने की अनुमति देगा. यह भारत-पाकिस्तान के बीच 1947 के बाद से अब तक का पहला वीजा मुक्त गलियारा होगा. गलियारा बनने के बाद भारतीय श्रद्धालुओं को सिर्फ परमिट हासिल कर आवाजाही की सुविधा मिलेगी.