आठ बुनियादी उद्योगों का उत्पादन इस वर्ष अगस्त में सालाना आधार पर 0.5 फीसदी कम रहा. यह पिछले साढ़े तीन साल में आयी सबसे बड़ी गिरावट है. इससे पहले बड़ी गिरावट नवंबर 2015 में 1.3 प्रतिशत की दर्ज की गयी थी.

पीटीआई के मुताबिक इन आठ प्रमुख उद्योगों में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उवर्रक, इस्पात, सीमेंट और बिजली शामिल हैं. पिछले साल अगस्त में इन क्षेत्रों का उत्पादन सालाना आधार पर 4.7 प्रतिशत ऊंचा रहा था.

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2019 में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, सीमेंट और बिजली क्षेत्र में क्रमश: 8.6 प्रतिशत, 5.4 प्रतिशत, 3.9 प्रतिशत, 4.9 प्रतिशत और 2.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है. समीक्षावधि में उवर्रक और इस्पात क्षेत्र का उत्पादन क्रमश: 2.9 प्रतिशत और पांच प्रतिशत बढ़ा है. रिफाइनरी उत्पादों की उत्पादन वृद्धि दर अगस्त 2019 में 2.6 प्रतिशत रही, जो अगस्त 2018 की 5.1 प्रतिशत के मुकाबले कम है.

चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-अगस्त अवधि में बुनियादी उद्योगों की उत्पादन वृद्धि दर 2.4 प्रतिशत है. पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में इसी अवधि में इनकी वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत थी.

पीटीआई के मुताबिक इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुख्य अर्थशास्त्री डा देवेंद्र कुमार पंत ने कहा, ‘यह अप्रैल के बाद बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में पहली गिरावट है और यह दर्शाता है कि मांग कमजोर है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘इंडिया रेटिंग को उम्मीद है कि रिजर्व बैंक अक्टूबर की नीतिगत समीक्षा में नीतिगत दर और घटाएगा. पर कमी कितनी होगी यह इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार द्वारा वृद्धि को प्रोत्साहित करने के हाल के उपायों के असर को रिजर्व बैंक किस रूप में देख रहा है.’