‘मुझे नहीं लगता कि हमें इसकी गलत व्याख्या करनी चाहिए.’ 

— एस जयशंकर, विदेश मंत्री

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बचाव करते हुए कही. उन्होंने कहा कि 22 सितंबर को हाउडी मोदी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने ‘अबकी बार ट्रंप सरकार’ शब्दों का इस्तेमाल एक खास संदर्भ में किया था. इन दिनों अमेरिका दौरे पर गए एस जयशंकर के मुताबिक नरेंद्र मोदी के कहने का मतलब यह था कि डोनाल्ड ट्रंप ने इस नारे को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर इस्तेमाल किया था. कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने हाउडी मोदी कार्यक्रम में डोनाल्ड ट्रंप का चुनाव प्रचार किया.

‘हिंदू शरणार्थियों को बंगाल नहीं छोड़ना पड़ेगा.’  

— अमित शाह, गृह मंत्री

अमित शाह ने यह बात कोलकाता में एक कार्यक्रम में कही. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूरे देश में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर की कवायद करेगी और उसके बाद देश में एक भी घुसपैठिए को भारत में रहने नहीं दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि इससे पहले सरकार सिटिजन अमेंडमेंट बिल लाने वाली है जिसके तहत भारत में जितने भी हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन और ईसाई शरणार्थी आए हैं, उन्हें हमेशा के लिए भारत की नागरिकता दी जाने वाली है.


 ‘आलोचना ही वह रास्ता है जिसकी वजह से सरकार सुधारात्मक नीतिगत कदम उठाती है.’  

— रघुराम राजन. पूर्व आरबीआई गवर्नर

भारतीय रिज़र्व बैंक पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने यह बात मोदी सरकार को नसीहत देते हुए कही है. उनके मुताबिक आलोचना को दबाते रहने से नीतिगत गलतियां शर्तिया होंगी. रघुराम राजन का यह भी कहना है कि अगर हर आलोचक को ट्रोल आर्मी का निशाना बनाया जाएगा तो बहुत-से लोग अपनी आलोचना का सुर नीचा कर लेंगे.


‘उनके स्तर के खिलाड़ी को अंतिम एकादश में जगह नहीं देना हर बार मुश्किल होता है.’

— विराट कोहली, भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान

विराट कोहली ने यह बात सीमित ओवरों के क्रिकेट के दिग्गज रोहित शर्मा के बारे में कही है. वे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कल से शुरू हो रही तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले मैच में टेस्ट सलामी बल्लेबाज के रूप में नई पारी की शुरुआत करेंगे. रोहित शर्मा एकदिवसीय क्रिकेट के मुकाबले टेस्ट क्रिकेट में फीके ही रहे हैं. अब तक 27 टेस्ट मैचों में उन्होंने 39.62 की औसत से 1585 रन बनाए हैं जबकि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनके नाम पर 11 हजार से अधिक रन दर्ज हैं.