उत्तर कोरिया ने एक बार दो मिसाइलों का परीक्षण किया है. मिसाइलें किस तरह की थीं, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है. इससे पहले जिन मिसाइलों का परीक्षण किया गया था वे कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें थीं. उधर, दक्षिण कोरिया के ज्वॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने कहा कि उनकी सेना हालात पर नजर रख रही है और पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं उत्तर कोरिया की और मिसाइल दागने की योजना तो नहीं है. उनका ये भी कहना था कि वे हालात से निपटने के लिए तैयार हैं.

उधर, जापान ने कहा है कि इनमें से एक मिसाइल उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र में गिरी है. जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने कहा कि उनका देश राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक आयोजित करेगा ताकि यह तय किया जा सके कि उत्तर कोरिया के इस कदम का जवाब कैसे दिया जाए. पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘बैलिस्टिक मिसाइलों का प्रक्षेपण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन है और हम इसका कड़ा विरोध करते हैं.’

यह प्रक्षेपण ऐसे समय में हुआ है जब उत्तर कोरिया के उप विदेश मंत्री चोई सन हुई ने ऐलान किया है कि उनका देश इस सप्ताह के अंत में वाशिंगटन के साथ बातचीत करने पर सहमत है. आधिकारिक कोरियाई सेंट्रल न्यूज एजेंसी के मुताबिक चोई ने एक बयान में कहा कि दोनों पक्षों के बीच शुक्रवार को ‘प्रारंभिक संपर्क’ होगा और अगले दिन बातचीत होगी. अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता मॉर्गन ऑर्टागस ने भी बातचीत की पुष्टि की है.