महात्मा गांधी की 150वीं जयंती से जुड़ी खबरों को आज कई अखबारों ने प्रमुखता से जगह दी है. इस दौरान राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस पर तीखा निशाना साधा. उन्होंने कहा कि गांधी और भारत एक दूसरे के पर्याय हैं लेकिन कुछ लोग आरएसएस को भारत का प्रतीक बनाना चाहते हैं. सोनिया गांधी का यह भी कहना था कि देश में पिछले कुछ सालों से जो हो रहा है उसे देखकर गांधी की आत्मा को पीड़ा होती होगी.

जैश के आतंकियों की तलाश में दिल्ली में नौ जगहों पर पुलिस के छापे

दिल्ली में बुधवार को पुलिस ने नौ जगहों पर छापे मारे. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक यह कार्रवाई खुफिया एजेंसियों की इस सूचना के बाद की गई कि इलाके में जैश-ए-मुहम्मद के तीन से चार फिदायीन आतंकी दाखिल हुए हैं जो त्योहारी सीजन के दौरान किसी हमले को अंजाम देने की फिराक में हैं. बताया जा रहा है कि यह साजिश जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के विरोध में रची गई है. छापों के दौरान दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है.

भारत ने ललित मोदी और उनकी पत्नी के स्विस बैंक खातों का ब्योरा मांगा

विदेश में जमा कालेधन का पता लगाने की कवायद के तहत भारत ने स्विटजरलैंड आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी के स्विस खातों का ब्योरा मांगा है. दैनिक जागरण के मुताबिक भारत सरकार के आग्रह के बाद स्विट्जरलैंड ने ललित मोदी और उनकी पत्नी मीनल को इससे संबंधित नोटिस भेजते हुए दस दिन में जवाब देने को कहा है. हाल के महीनों में भारत के अनुरोध पर कई लोगों के बारे में जानकारी मांगी जा चुकी है. 2010 से लंदन में रह रहे ललित के खिलाफ पहले से ही मनी लॉन्डरिंग के मामले में जांच चल रही है.

नरेंद्र मोदी का भाषण न दिखाने पर दूरदर्शन की एक अधिकारी को निलंबित किया गया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण न करने के लिए दूरदर्शन की एक वरिष्ठ अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है. प्रधानमंत्री ने बीते सोमवार को आईआईटी मद्रास में एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था. द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक इस दौरान दूरदर्शन की तमिल सेवा डीडी पोड़िगे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की खबर नहीं चली. इसके बाद सहायक निदेशक आर वसुमति को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. इसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है. हालांकि प्रसार भारत ने उनके निलंबन का जो आदेश जारी किया है उसमें किसी वजह का जिक्र नहीं किया गया है. इसमें निलंबन को अनुशासनात्मक कार्रवाई बताया गया है.