पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उनका प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायमूर्ति एनवी रमण की अगुवाई वाली पीठ के सामने तत्काल सूचीबद्ध किए जाने के लिए मामले का उल्लेख किया. हालांकि पीठ ने कहा कि मामला सूचीबद्ध करने के संबंध में फैसला लेने के लिए पी चिदंबरम की याचिका प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के पास भेजी जाएगी. कांग्रेस नेता इस समय न्यायिक हिरासत में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं जो आज खत्म हो रही है.

इससे पहले 30 सितंबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने पी चिदंबरम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. उसने कहा था कि सीबीआई की जांच काफी आगे के चरण में पहुंच गई है और इस मोड़ पर पूर्व वित्त मंत्री को जमानत देना ठीक नहीं होगा. उसका यह भी कहना था कि जमानत मिलने पर पी चिदंबरम गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं. आईएनएक्स मीडिया मामला 2006 का है. आरोप है कि इस मीडिया समूह में विदेशी निवेश की मंजूरी देने में गड़बड़ी की गई. तब वित्त मंत्री पी चिदंबरम ही थे. इस मामले में ईडी ने अलग से मनी लॉन्डरिंग का मामला दर्ज किया है. हालांकि पी चिदंबरम और उनकी पार्टी इन सभी आरोपों से इनकार करते हुए इन मामलों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते रहे हैं.