भारत और पाकिस्तान के बीच अगर परमाणु युद्ध हुआ तो एक सप्ताह से कम समय के भीतर ही 50 लाख से 12.5 करोड़ लोगों की जान जा सकती है. एक अध्ययन में यह बात कही गई है. इस अध्ययन के मुताबिक भारत-पाकिस्तान परमाणु युद्ध स्थिति में मारे गए लोगों की संख्या दूसरे विश्व युद्ध में मारे गए लोगों की संख्या से बहुत ज्यादा होगी.

कोलोराडो बोल्डर विश्वविद्यालय और रुतगेर्स विश्वविद्यालय के विश्लेषकों के एक अध्ययन में यह विश्लेषण किया गया है कि अगर भविष्य में ऐसा युद्ध हुआ तो उसकी विभीषिका और कुप्रभाव कैसा तथा क्या होगा? यह अध्ययन ‘साइंस एडवांस’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है. अध्ययन में उल्लेख किया गया है कि वैसे तो दोनों देशों के बीच कश्मीर को लेकर कई युद्ध हुए हैं लेकिन 2025 तक उनके पास कुल मिलाकर 400 से 500 परमाणु हथियार होंगे.

इस अध्ययन में कहा गया है कि यदि युद्ध हुआ तो धरती पर पहुंचने वाली सूर्य की रोशनी में 20 से 35 प्रतिशत तक की कमी आएगी और इस ग्रह का तापमान 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम हो जाएगा. इसमें कहा गया है कि इस युद्ध के सीधे प्रभाव के चलते एक सप्ताह से कम समय के भीतर ही 50 लाख से 12.5 करोड़ लोगों की जान जा सकती है. इसके साथ ही इससे दुनियाभर में फैलने वाली भुखमरी जैसे अतिरिक्त कारणों से मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है.

अध्ययन में यह भी कहा गया है कि परमाणु युद्ध होने पर पूरी दुनिया में वर्षा में 15 से 30 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है जिसके व्यापक क्षेत्रीय प्रभाव होंगे. इतना ही नहीं धरती पर पेड़-पौधों की संख्या में भी 15 से 30 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है और समुद्री जीवन में 5 से 15 प्रतिशत तक की कमी हो सकती है.