यूक्रेन के महाभियोजक कार्यालय ने अमेरिकी डेमोक्रेटिक नेता जो बिडेन के बेटे से जुड़ी कंपनी के मामलों की समीक्षा शुरू कर दी है. पीटीआई के मुताबिक शुक्रवार को राजधानी कीव में यूक्रेन के महाभियोजक रुसलन रयाबोशापका ने पत्रकारों से बातचीत में इसकी जानकारी दी.

बीते अगस्त में महाभियोजक का पद संभालने वाले रुसलन ने कहा, ‘हम गैस कंपनी ‘बुरिस्मा’ के उन सभी मामलों की समीक्षा कर रहे हैं जिन्हें पहले महाभियोजक कार्यालय देख रहा था और फिर बंद कर दिया गया था, इससे यह फैसला ले सकेंगे कि वे गैरकानूनी थे या नहीं.’

हालांकि, रुसलन रयाबोशापका ने संकेत दिया कि यह जांच हंटर बिडेन पर नहीं बल्कि ‘बुरिस्मा’ के संस्थापक माइकोला ज़्लोचेवस्की एवं अन्य लोगों पर केंद्रित है. उनका यह भी कहना था, ‘गैस कंपनी ‘बुरिस्मा’ के खिलाफ लगभग 15 मामले दर्ज हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं है कि ये सभी हंटर बिडेन से जुड़े हुए हों.’

इससे पहले यूक्रेन प्रशासन ने कहा था कि गैस कंपनी बुरिस्मा के खिलाफ चल रही जांच उस समयावधि की है, जब हंटर बिडेन कंपनी के बोर्ड में शामिल नहीं हुए थे.

जो बिडेन के बेटे हंटर बिडेन 2014 में उस समय यूक्रेनी गैस कंपनी बुरिस्मा के बोर्ड के सदस्य बने थे, जब उनके पिता अमेरिका के उपराष्ट्रपति थे और ओबामा प्रशासन में यूक्रेन मामलों की जिम्मेदारी संभाले हुए थे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि जो बिडेन ने अमेरिका का उपराष्ट्रपति रहते हुए यूक्रेनी सरकार पर बुरिस्मा में हुए भ्रष्टाचार की जांच को बंद करने के लिए दबाव डाला था.

हालांकि, जो बिडेन के साथ-साथ यूक्रेन के कई पूर्व अधिकारियों का भी कहना है कि उन पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोप मनगढ़ंत हैं.

पिछले दिनों अमेरिका में इस विवाद ने तब तूल पकड़ा, जब खबर आई कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति से जो बिडेन और उनके बेटे की जांच करने को कहा. इसके जवाब में डेमोक्रेटिक पार्टी के बहुमत वाले अमेरिकी संसद के निचले सदन (कांग्रेस) ने डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू की है.