आईएनएक्स मीडिया मामले में वित्त मंत्रालय के चार पूर्व अधिकारियों पर मुकदमा चलाने को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए 71 सेवानिवृत्त नौकरशाहों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. पत्र में कहा गया है कि इस तरह की कार्रवाई परिश्रमी और ईमानदार अधिकारियों को हतोत्साहित करेगी. अधिकारियों ने मांग की है कि एक उचित समय अवधि तय होनी चाहिए जिसके बाद फाइलें दोबारा नहीं खोली जानी चाहिए.

अधिकारियों द्वारा लिखे गए पत्र पर पूर्व कैबिनेट सचिव केएम चंद्रशेखर, पूर्व विदेश सचिव एवं पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन, पूर्व विदेश सचिव सुजाता सिंह और पंजाब के पूर्व नौकरशाह जूलियो रिबेरियो जैसे सेवानिवृत्त नौकरशाहों के हस्ताक्षर हैं. इन नौकरशाहों ने ‘संकीर्ण राजनीतिक लाभ’ के लिए सेवानिवृत्त एवं सेवारत नौकरशाहों को चुनिंदा ढंग से निशाना बनाए जाने पर चिंता जताई है. पत्र में कहा गया है कि यदि परिश्रमी और ईमानदार अधिकारियों को तत्कालीन सरकार के नीतिगत निर्णयों को क्रियान्वित करने के अलावा बिना किसी गलती के निशाना बनाया जाता है तो सेवारत अधिकारी स्वाभाविक रूप से हतोत्साहित होंगे.

केंद्र सरकार ने आईएनएक्स मीडिया को एफआईपीबी मंजूरी देने के मामले में पिछले महीने सीबीआई को नीति आयोग की पूर्व मुख्य कार्याधिकारी सिंधुश्री खुल्लर, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय के पूर्व सचिव अनूप के पुजारी, वित्त मंत्रालय में तत्कालीन निदेशक प्रबोध सक्सेना और आर्थिक मामले विभाग में पूर्व अवर सचिव रबींद्र प्रसाद पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी थी. इसी मामले में सरकार ने इस साल फरवरी में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम पर मुकदमा चलाने की मंजूरी पहले ही दे दी थी, जिसके बाद उन्हें सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया था.