मारुति-सुज़ुकी ने अपनी बहुप्रतीक्षित हैचबैक एस-प्रेसो इस सप्ताह लॉन्च कर दी है. एस-प्रेसो मारुति की कॉन्सेप्ट कार फ्यूचर-एस पर आधारित है जिसे कंपनी ने ऑटो एक्सपो-2018 में शोकेस किया था. मारुति-सुज़ुकी ने एस-प्रेसो को उसी हर्टेक्ट प्लेटफॉर्म पर तैयार किया है जिसे कंपनी वैगन-आर, स्विफ्ट, डिज़ायर और बलेनो जैसी गाड़ियों के निर्माण में इस्तेमाल कर चुकी है.

एस-प्रेसो की की सबसे बड़ी खासियत इसका साइज़ है. कंपनी ने अपनी इस बजट फ्रेंडली कार को ज्यादा ऊंचाई, बोल्ड फ्रंट लुक और अच्छे-खासे ग्राउंड क्लियरेंस की मदद से किसी मिनी एसयूवी जैसा लुक दिया है. ऐसा प्रयोग सबसे पहले क्विड की शक्ल में रेनो ने किया था जिसे भारतीय ग्राहकों ने जमकर प्यार दिया. जानकारों का कहना है कि इन कारों के ज़रिए वाहन कंपनियां उन ग्राहकों की नब्ज़ को पकड़ने की कोशिश कर रही हैं जो कम बजट में बड़ी गाड़ियां घर लाना चाहते हैं. इसी साल लॉन्च हुई मारुति-सुज़ुकी की वैगन-आर भी इसी कवायद का हिस्सा नज़र आती है.

लुक्स की बात करें तो कंपनी ने एस-प्रेसो को चार रंगों- सुपीरियर व्हाइट, सॉलिड फायर रैड, मैटेलिक ग्रेनाइट ग्रे और मैटेलिक सिल्की सिल्वर में पेश किया है. पहली नज़र में एस-प्रेसो मारुति की ही लोकप्रिय सबकॉम्पैक एसयूवी ब्रेज़ा की याद दिलाती है. फ़िर चाहे वो क्रोम से घिरी ग्रिल हो या चौकोर डिज़ाइन के हैडलैंप्स और मस्क्यूलर बंपर एस-प्रेसो में दी गई अधिकतर ख़ूबियां ब्रेज़ा से ही प्रभावित हैं. कार का प्रोफाइल लुक अपनी ऊंचाई की वजह से सेगमेंट में अलग ही दिखता है. वहीं रियर लुक के मामले में मारुति ने अपनी इस नई पेशकश के साथ बड़ा बूट लिड और चौकोर टेल लैंप्स दिए हैं.

एस-प्रेसो में मारुति-सुज़ुकी ने फीचर्स के मोर्चे पर भी कोई कोताही नहीं की है. कार का ऑल ब्लैक इंटीरियर और डैशबोर्ड पर दिए गए बॉडी कलर इंसर्ट एस-प्रेसो को अंदर से ख़ूबसूरत बनाते हैं. यहां नज़र आने वाला गोलाकार कंसोल इंटीरियर के मामले में कार का सबसे बड़ा हाईलाइट है. जानकारों का मानना है कि इस कंसोल की डिज़ाइन बीएमडब्ल्यू के स्वामित्व वाली ब्रिटिश कंपनी मिनी की गाड़ियों से ली गई है.

इस कंसोल के बीच में आपको मारुति के स्मार्ट प्ले टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम से जुड़ा एक डिजिटल इंस्ट्रुमेंट क्लस्टर नज़र आता है जो कि स्मार्टफोन कनेक्टिविटी से लैस है. इस कंसोल में आपको एसी और पॉवर विंडो के कंट्रोल बटन तो मिलते ही हैं साथ ही यहां आपको यूएसबी पोर्ट और एक 12-वोल्ट का चार्जिंग सॉकेट भी दिखाई देता है. सुरक्षा की बात करें तो मारुति ने एस-प्रेसो को डुअल एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रिब्यूशन (ईबीडी) के साथ एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस), प्री-टेंशनर और फोर्स लिमिटर्स वाली सीट बेल्ट, ड्राइवर-को ड्राइवर सीट बेल्ट रिमाइंडर, रियर पार्किंग असिस्ट सिस्टम, हाई स्पीड वार्निंग अलर्ट और रिवर्स पार्किंग कैमरा जैसी ख़ूबियों से लैस किया है.

परफॉर्मेंस के लिहाज से कंपनी ने एस-प्रेसो के साथ अपनी हैचबैक ऑल्टो के10 वाला 1.0 लीटर क्षमता का इंजन जोड़ा है. बीएस-6 मानकों पर खरा उतरने वाला यह इंजन 5,500 आरपीएम पर 67 बीएचपी और 3,500 आरपीएम पर 90 एनएम का अधिकतम टॉर्क पैदा कर पाने में सक्षम है. इस इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड ऑटोमेटिक दोनों ही गियरबॉक्स वैकल्पिक तौर पर जोड़े गए हैं. मारुति ने एस-प्रेसो के लिए 3.69 लाख रुपए से शुरुआती कीमत तय की है जो 4.91 लाख रुपए (एक्सशोरूम दिल्ली) तक जाती है.

बाज़ार में मारुति-सुज़ुकी एस-प्रेसो रेनो क्विड, डैटसन रेडी गो, ह्युंडई ईऑन और सेंट्रो जैसी गाड़ियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है.

किआ सेल्टॉस का कमाल

दक्षिण कोरियाई कंपनी किआ की कॉम्पैक एसयूवी सेल्टॉस को भारतीय बाज़ार से शानदार प्रतिक्रिया मिली है. किआ ने भारत में अपनी इस पहली कार को इसी साल अगस्त में लॉन्च किया था. तब से सेल्टॉस बिक्री के लिहाज से सेगमेंट में शीर्ष पर रही है. यदि अगस्त की बात करें तो तब इस कार की 6,236 यूनिट बिकी थीं. सितंबर में यह आंकड़ा बढ़कर 7,754 तक पहुंच गया. जबकि सेल्टॉस से पहले लॉन्च हुई एमजी हेक्टर की सितंबर माह में 2000 यूनिट बिक्री दर्ज़ की गई. वहीं सितंबर महीने में बिक्री के मोर्चे पर ह्युंडई क्रेटा का आंकड़ा 6001 था. भारतीय ऑटोसेक्टर में चल रही जबरदस्त मंदी के बावजूद सेल्टॉस की इस उपलब्धि ने आलोचकों का ध्यान आकर्षित किया है. किआ का दावा है कि अब तक उसे सेल्टॉस के लिए 40 हजार बुकिंग मिल चुकी है. जानकारों की मानें तो इतने कम समय में यह उपलब्धि हासिल करने वाली सेल्टॉस सेगमेंट की पहली कार है.

कंपनी ने सेल्टॉस को सबसे पहले ऑटो एक्सपो-2018 में कॉन्सेप्ट के तौर पर शोकेस किया था. लुक्स के मामले में यह कार काफी हद तक उसी कॉन्सेप्ट कार से मिलती-जुलती है. किआ ने अपनी इस नई पेशकश को दो बेहतरीन डिज़ाइन लाइन- टेक और जीटी में उपलब्ध कराया है. जानकारों के अनुसार सेल्टॉस अपने सेगमेंट में देश की पहली कार है जिसे दो डिज़ाइन में उपलब्ध कराया गया है. इनमें से किआ सेल्टॉस की टेक लाइन को आरामदायक यात्रा के लिहाज़ से तैयार किया गया है तो जीटी लाइन में ज़्यादा आधुनिक फीचर्स मुहैया कराए गए हैं.

परफॉर्मेंस के मामले में किआ ने सेल्टॉस को पेट्रोल और डीज़ल दोनों ट्रिम में लॉन्च किया है. सेल्टॉस के साथ बीएस-6 मानक पर खरे उतरने वाला 1.5-लीटर क्षमता का पेट्रोल और 1.4-लीटर क्षमता का जीडीआई टर्बो डीज़ल इंजन मिलता है. इन दोनों ही इंजनों में कंपनी ने 6-स्पीड मैनुअल, सीवीटी ऑटोमेटिक, और 6-स्पीड ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन दिए हैं. कार में तीन ड्राइविंग मोड- नॉर्मल, ईको और स्पोर्ट मिलते हैं. वहीं, सेल्टॉस के जीटी लाइन में 1.4 लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन दिया गया है जो 7-स्पीड डुअल क्लच ऑटोमेटिक गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है. यदि आप इस कार को घर लाना चाहते हैं तो बुक करवाने के बाद आपको करीब दो महीने इसका इंतजार करना पड़ सकता है.

ह्युंडई एलांट्रा का फेसलिफ्ट वर्ज़न

ह्युडंई ने अपनी सेडान एलांट्रा के फेसलिफ्ट वर्ज़न को लॉन्च कर दिया है. यह एलांट्रा की छठी जनरेशन है. भारत में एलांट्रा को सबसे पहले 2006 में लॉन्च किया गया था. भारतीय ग्राहकों का दिल जीतने में एलांट्रा अब तक नाकाम मानी जाती रही है. लेकिन जानकारों का कहना है कि कार का नया अवतार बाज़ार में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन कर सकता है.

नई एलांट्रा से जुड़े प्रमुख बदलावों की बात करें तो कंपनी ने इस कार को पहले से शार्प लुक्स/तीखे नैन-नक्श दिए हैं. कार के फ्रंट में लगी नई सिंगल पीस ग्रिल पहले से बड़ी है जिसके साथ लगे ट्राइएंगल शेप के नए हैडलैंप्स कार को फ्रेश अपील देते हैं. हालांकि एलांट्रा-2019 की साइड प्रोफाइल अपने पिछले मॉडल जैसी ही है, लेकिन नई स्टाइल के अलॉय व्हील्स इसके नए होने के अहसास बनाए रखते हैं. कार के रियर लुक की बात करें तो यहां आपको शार्प डिज़ाइन वाले एलईडी टेललैंप्स मिलते हैं. कार की रियर नंबर प्लेट को बंपर पर लगाया गया है. ह्युंडई ने एलांट्रा को पांच रंगों- मरीन ब्लू, पोलर व्हाइट, टाईफून सिल्वर, फेंटम ब्लैक और फेयरी रेड में पेश किया है.

एलांट्रा की सबसे बड़ी खूबी की बात करें तो वह इस कार का इंटरनेट कनेक्टेड होना है. इसका मतलब है कि इस कार के इंफोटेनमेंट सिस्टम के साथ एक ई-सिम जोड़ी गई है जो ऑनबोर्ड डायग्नोस्टिक्स (सॉफ्टवेयर के ज़रिए कार के अलग-अलग हिस्सों से जुड़ी परेशानियों का पता लगाने) के साथ रियल टाइम व्हीकल ट्रेकिंग, रिमोट स्टार्ट, सफ़र करने से पहले ही गाड़ी को रिमोट एयरकंडीशन स्टार्ट और वाहन के चोरी होने पर उसकी स्थिति पता लगाने जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाती है. एलांट्रा सेगमेंट की पहली और वेन्यू के बाद ह्युंडई की दूसरी कनेक्टेड कार है.

अंदर झांकने पर कार के डैशबोर्ड का डिज़ाइन आपको एलांट्रा के पिछले मॉडल की याद दिला सकता है, लेकिन इंटीरियर में कई महत्वपूर्ण बदलावों की मदद से ह्युंडई ने कार के केबिन को फ्रेश अपील देने की कोशिश की है. कार में मिलने वाले फीचर्स की बात करें तो इनमें- वायरलैस चार्जर, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट, डोर स्पीकर्स के साथ इन्फिनिटी साउंड सिस्टम, सेंटर स्पीकर, क्रूज़ कंट्रोल, एडजस्टेबल पॉवर ड्राइवर सीट, रियर एसी वेंट्स और इलेक्ट्रिक सनरूफ शामिल है. सुरक्षा के लिहाज से कार में छह एयरबैग, एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम, रियरव्यू कैमरा, फ्रंट एंड रियर पार्किंग सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल और हिल स्टार्ट असिस्ट दिए गए हैं.

परफॉर्मेंस के लिहाज से बात करें तो नई एलांट्रा को सिर्फ़ पेट्रोल इंजन के साथ ही बाज़ार में उतारा गया है. 2.0 लीटर क्षमता का यह इंजन बीएस-6 मानकों पर खरा उतरता है और 152 पीएस पॉवर के साथ 192 एनएम टॉर्क पैदा करने में सक्षम है. इस इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स जोड़ा गया है. यह इंजन फिलहाल ह्युंडई के मालिकाना हक़ वाली किआ मोटर्स की कॉम्पैक एसयूवी सेल्टॉस के साथ इस्तेमाल किया जा रहा है. यदि आप नई एलांट्रा को घर लाना चाहते हैं तो 25000 रुपए टोकन मनी देकर इसे बुक कर सकते हैं. इस कार की कीमतें 15.89 लाख रुपए से शुरु होकर 20.39 लाख रुपए (एक्सशोरूम) तक जाती हैं. बाज़ार में एलांट्रा का मुकाबला स्कोडा ऑक्टेविया, होंडा सिविक और टोयोटा कोरोला एल्टिस जैसी कारों से होना है.

रेनो क्विड का नया अवतार

फ्रेंच ऑटोमोबाइल कंपनी रेनो ने भारत में अपनी लोकप्रिय हैचबैक क्विड का फेसलिफ्ट वर्ज़न लॉन्च कर दिया है. फेस्टिव सीज़न में रेनो की यह पेशकश न सिर्फ़ ग्राहकों को आकर्षित करेगी बल्कि मारुति-सुज़ुकी एस-प्रेसो से भी टक्कर लेगी. रेनो ने क्विड के पांच वेरिएंट- एसटीडी, आरएक्सई, आरएक्सएल, आरएक्सटी और क्लाइंबर बाज़ार में उतारे हैं. नई क्विड में लुक्स के मामले में बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं. कार का डिज़ाइन कंपनी की के-ज़ीई ईवी कॉन्सेप्ट कार से प्रभावित नज़र आता है.

नई क्विड के साथ मौजूदा हनीकॉम्ब की बजाय ट्रिपल स्लेट वाली ग्रिल दी गई है. रेनो ने मौजूदा ट्रेंड को देखते हुए क्विड-2019 के साथ एलईडी डे-टाइम रनिंग लैंप्स (डीआरएल) से लैस स्प्लिट हैडलैंप्स दिए हैं. इस तरह कार के हैडलैंप बोनट हुड के ठीक नीचे होने की बजाय बंपर पर आते हैं. कार का बंपर भी बिल्कुल नई डिज़ाइन के साथ आता है जो कार के साथ दी गई स्किड प्लेट, रूफ़ रेल्स और कार में चारो तरफ़ दिए गए ऑरेंज एसेंट्स के साथ मिलकर कार को स्पोर्टी लुक देता है. कार के रियर लुक की बात करें तो यहां कम बदलाव के बावजूद रिवाइज़्ड डिज़ाइन की टेललाइट्स फ्रेश अपील देने मे सफल नज़र आती हैं.

कार में मिलने वाले फीचर्स की बात करें तो इनमें 8.0 इंच का एपल कार प्ले और एंड्रॉइड ऑटो सपोर्टेबल टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, 12 वोल्ट फ्रंट एंड रियर सॉकेट, फास्ट यूएसबी चार्जर, गियरशिफ्ट इंडिकेटर, रिमोट की-लैस एंट्री और रिवर्स पार्किंग कैमरा शामिल है. सुरक्षा के लिहाज से कार में एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस), इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रीब्यूशन (ईबीडी), ड्राइवर एंड पैसेंजर सीटबेल्ट रिमाइंडर, स्पीडिंग अलर्ट और रियर डोर चाइल्ड लॉक जैसी ख़ूबियां दी गई हैं. यदि परफॉर्मेंस की बात करें तो क्विड के साथ दो इंजन विकल्प मिलेंगे. इनमें से तीन सिलेंडर वाला 800 सीसी क्षमता का पेट्रोल इंजन 53 बीएचपी और 1.0 लीटर क्षमता का पेट्रोल इंजन 67 बीएचपी की अधिकतम पॉवर पैदा करने में सक्षम है. नई क्विड को 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड ऑटोमेटिक दोनों गियरबॉक्स के साथ बाज़ार में उतारा जाना है. कार की कीमतें 2.84 लाख रुपए से शुरू होकर 4.84 लाख रुपए (एक्सशोरूम) तक जाती हैं.