सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई की आरे कॉलोनी में मेट्रो शेड बनाने के लिए पेड़ काटे जाने पर फिलहाल रोक लगा दी है. न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की विशेष पीठ ने पेड़ों को काटे जाने के खिलाफ एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा है कि कटाई का काम फौरन रोक दिया जाए. पीटीआई के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस पूरे मामले की समीक्षा करनी होगी. पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यकर्ता और स्थानीय निवासी पेड़ों को काटे जाने का विरोध कर रहे हैं.

उधर, महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि आरे में पेड़ों की कटाई के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को रिहा कर दिया गया है. अदालत ने कहा कि अगर कोई गिरफ्तारी के बाद अब तक रिहा नहीं किया गया है तो उसे निजी मुचलका भरने के बाद रिहा कर दिया जाए. सुप्रीम कोर्ट का यह भी कहना था कि अब उसकी वन पीठ इस याचिका पर 21 अक्टूबर को सुनवाई करेगी.

आरे कॉलोनी में मेट्रो शेड के लिए 2700 पेड़ काटे जाने हैं. सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र सरकार ने माना कि 1500 से ज्यादा पेड़ काटे जा चुके हैं. मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए इस इलाके में कार शेड बनाने का पहले से ही विरोध हो रहा था. इसे लेकर हाई कोर्ट में कई याचिकाएं भी डाली गई थीं मगर अदालत ने उन सभी को खारिज कर दिया था. इसके बाद से ही पेड़ों की कटाई का काम शुरू हुआ था.