सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के आरे में पेड़ों की कटाई पर रोक लगाई, मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी

सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई की आरे कॉलोनी में पेड़ काटे जाने पर फिलहाल रोक लगा दी है. न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की विशेष पीठ ने पेड़ों को काटे जाने के खिलाफ एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा है कि कटाई का काम फौरन रोक दिया जाए. पीठ का कहना था कि इस पूरे मामले की समीक्षा करनी होगी. पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यकर्ता और स्थानीय निवासी पेड़ों को काटे जाने का विरोध कर रहे हैं. अदालत ने कहा कि इस मामले में गिरफ्तार सभी लोगों को रिहा कर दिया जाए. सुप्रीम कोर्ट का ये भी कहना था कि अब उसकी वन पीठ इस याचिका पर 21 अक्टूबर को सुनवाई करेगी. आरे कॉलोनी में मेट्रो शेड के लिए 2700 पेड़ काटे जाने हैं. इसके खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में भी कई याचिकाएं लगाई गई थीं मगर अदालत ने उन सभी को खारिज कर दिया था. इसके बाद से ही पेड़ों की कटाई का काम शुरू हुआ था.

काले धन के खिलाफ लड़ाई में सरकार को अहम कामयाबी, स्विटजरलैंड ने भारतीय नागरिकों के खातों के ब्योरे की पहली खेप साझा की

भारत को स्विट्जरलैंड के बैंकों में अपने नागरिकों के खातों के ब्योरे की पहली खेप मिल गई है. ऐसा सूचनाओं के अपने-आप आदान-प्रदान की एक नई व्यवस्था यानी एईओआई के तहत हुआ है. दोनों देश इस व्यवस्था पर 2016 में सहमत हुए थे. माना जा रहा है कि सूचनाओं के अपने आप आदान प्रदान की इस व्यवस्था से भारत को विदेशी में अपने नागरिकों द्वारा जमा कराए गए कालेधन के खिलाफ लड़ाई में काफी मदद मिलेगी. स्विट्जरलैंड के संघीय कर प्रशासन यानी एफटीए ने 75 देशों को एईओआई के तहत वित्तीय खातों का ब्योरा दिया है जिनमें भारत भी शामिल है. एटीएफ के प्रवक्ता ने कहा कि भारत को पहली बार एईओआई व्यवस्था के तहत खातों के बारे में जानकारी भेजी गई है. इसमें उन खातों की सूचना दी जाएगी जो अभी सक्रिय हैं. इसके अलावा उन खातों का ब्योरा भी उपलब्ध कराया जाएगा जो 2018 में बंद किए जा चुके हैं. प्रवक्ता ने कहा कि इस व्यवस्था के तहत अगली सूचना सितंबर, 2020 में साझा की जाएगी.

पी चिदंबरम का मोदी सरकार पर निशाना, कहा - बांग्लादेश पर एनआरसी का असर नहीं होगा तो 19 लाख लोग कहां जाएंगे

आईएनएक्स मीडिया मामले में तिहाड़ जेल में बंद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम का मोदी सरकार पर हमला जारी है. आज उन्होंने कहा कि अगर सरकार बांग्लादेश को यह भरोसा दिला रही है कि एनआरसी की प्रक्रिया का असर पड़ोसी देश पर नहीं होगा, तो अब वो 19 लाख लोगों का क्या करेगी. असम में एनआरसी की आखिरी सूची से 19 लाख लोगों का नाम गायब है. यानी उन्हें भारतीय नागरिक नहीं माना गया है. पूर्व वित्त मंत्री का ये भी कहना था कि जब महात्मा गांधी के मानवता के सिद्धांत का जश्न मनाया जा रहा है तो ऐसे में इन सवालों के जवाब देने जरूरी हो जाते है. पी चिदंबरम आईएनएक्स मीडिया मामले में 17 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में हैं.

तेलंगाना में हड़ताल पर गए परिवहन निगम के 48 हजार कर्मचारी बर्खास्त

तेलंगाना सरकार ने राज्य के रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के 48 हजार से भी ज्यादा कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है. ये कर्मचारी बीते शुक्रवार से हड़ताल पर थे. सरकार ने उन्हें हड़ताल खत्म करने के लिए शनिवार शाम छह बजे तक की समयसीमा दी थी, लेकिन इन कर्मचारियों ने ऐसा नहीं किया. राज्य के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव का कहना है कि यह एक अक्षम्य अपराध है. केसीआर ने बर्खास्त किए गए कर्मचारियों के साथ किसी भी तरह की बातचीत से इनकार भी कर दिया है. उधर, कर्मचारी संघों ने इस फैसले के खिलाफ अदालत जाने की बात कही है. करीब 50 हजार कर्मचारियों की ये हड़ताल शुक्रवार को शुरू हुई थी. इनकी 26 मांगों की एक सूची है. इसमें यह मांग भी शामिल है कि कॉरपोरेशन का विलय सरकार में हो जाए ताकि उन्हें सरकारी कर्मचारियों जितना वेतमान और भत्ते मिलें. उधर, तेलंगाना हाईकोर्ट ने पूरे मसले पर सरकार से 10 अक्टूबर तक जवाब मांगा है.

अफगानिस्तान में 11 आतंकियों की रिहाई के बाद तालिबान ने तीन भारतीय इंजीनियरों को छोड़ा

अफगान तालिबान ने अपने 11 सदस्यों के बदले में तीन भारतीय इंजीनियरों को रिहा कर दिया है. बताया जा रहा है कि बंधकों की यह अदला-बदली रविवार को की गई. हालांकि इसको किस जगह अंजाम दिया गया इसकी जानकारी तालिबान ने नहीं दी. अफगान या भारतीय अधिकारियों ने अभी इस घटनाक्रम पर कोई टिप्पणी नहीं की है. अफगानिस्तान के उत्तरी प्रांत बघलान के एक ऊर्जा संयंत्र में काम करने वाले सात भारतीय इंजीनियरों का मई 2018 में अपहरण कर लिया गया था. इन लोगों में से एक को इसी मार्च में रिहा कर दिया गया था, लेकिन बाकियों की कोई जानकारी नहीं मिल पाई थी.