अमेरिकी वैज्ञानिकों विलियम कैलिन, ग्रेग सेमेंजा और ब्रिटेन के पीटर रैटक्लिफ को चिकित्सा क्षेत्र के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है. मानव शरीर में कोशिकाएं ऑक्सीजन की उपलब्धता का आभास कैसे करती हैं और कैसे खुद को उसके अनुकूल बनाती हैं, इन वैज्ञानिकों ने इस विषय पर रिसर्च किया है.

नोबेल ज्यूरी ने सोमवार को तीनों वैज्ञानिकों के नाम की घोषणा करते हुए कहा, ‘इन वैज्ञानिकों ने इस संबंध में हमारी समझ को आधार प्रदान किया कि ऑक्सीजन का स्तर कोशिकीय चयापचय (सेलुलर मेटाबोलिज्म) और शारीरिक क्रियाकलापों को किस तरह प्रभावित करता है. इनके इस रिसर्च से एनीमिया, कैंसर और अन्य कई बीमारियों से लड़ने की भरोसा पैदा करने वाली नयी रणनीतियों का रास्ता साफ हो गया है.’

ज्यूरी के अनुसार तीनों वैज्ञानिकों ने उस आणविक तंत्र की पहचान की जो ऑक्सीजन के विविध स्तरों के चलते जीन्स की गतिविधियों को नियंत्रित करता है. इससे कई बीमारियां जुड़ी होती हैं.

अमेरिकी वैज्ञानिक विलियम कैलिन ‘हॉवर्ड ह्यूजिस मेडिकल इंस्टिट्यूट’ में काम करते हैं, जबकि ग्रेग सेमेंजा ‘जॉन हापकिन्स इंस्टिट्यूट फॉर सेल इंजीनियरिंग’ में वस्क्युलर रिसर्च प्रोग्राम के निदेशक हैं. ब्रिटिश वैज्ञानिक पीटर रैटक्लिफ लंदन स्थित ‘फ्रांसिस क्रिक इंस्टिट्यूट’ में क्लिनिकल अनुसंधान के निदेशक और ऑक्सफोर्ड में ‘टार्गेट डिस्कवरी इंस्टिट्यूट’ के निदेशक हैं.

इन तीनों के बीच नोबेल पुरस्कार की 90 लाख स्वीडिश क्रोनोर (करीब 9,14,000 अमेरिकी डॉलर) की राशि साझा होगी. ये लोग 10 दिसंबर को स्टाकहोम में एक औपचारिक समारोह में नोबेल पुरस्कार प्राप्त करेंगे.

पिछले साल यह पुरस्कार अमेरिका के प्रतिरक्षा विज्ञानी जेम्स एलिसन और जापान के तासुकू होंजो को प्रदान किया गया था.

इस साल के भौतिकी के नोबेल पुरस्कार विजेताओं की घोषणा मंगलवार को और रसायनशास्त्र के विजेताओं की घोषणा बुधवार को की जाएगी. साहित्य के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार विजेताओं का नाम गुरूवार को सामने आएगा. शांति के नोबेल पुरस्कार के विजेता का नाम शुक्रवार को घोषित किया जाएगा. इसके अलावा सोमवार, 14 अक्टूबर को अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार विजेता के नाम की घोषणा की जाएगी.