स्विटजरलैंड ने अपने यहां मौजूद भारतीय नागरिकों के बैंक खातों के ब्योरे की पहली खेप भारत को दे दी है. यह खबर आज लगभग सभी अखबारों के पहले पन्ने पर है. इसे काले धन के खिलाफ सरकार के अभियान के लिहाज से एक बड़ी सफलता माना जा रहा है. यह खेप सूचनाओं के अपने आप आदान-प्रदान की एक व्यवस्था के तहत भेजी गई है. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई की आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी है. ज्यादातर अखबारों ने इस खबर को भी प्रमुखता से जगह दी है. ढाई हजार के करीब ये पेड़ मेट्रो शेड के लिए काटे जाने हैं.

एसपीजी के बिना गांधी परिवार के सदस्य विदेश नहीं जा सकेंगे

स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) ने अपने नियम सख्त कर दिए हैं. दैनिक जागरण के मुताबिक अब एसपीजी सुरक्षा प्राप्त वीवीआईपी बिना सुरक्षाकर्मियों को साथ लिए विदेश नहीं जा सकेंगे. गांधी परिवार द्वारा अपने अधिकतर विदेश दौरों के दौरान एसपीजी सुरक्षाकर्मियों को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आइजीआई) से वापस लौटा दिए जाने के बाद नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. मौजूदा समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके पुत्र राहुल गांधी और पुत्री प्रियंका गांधी को ही एसपीजी सुरक्षा मिली हुई है.

दो साल से कम के सात फीसदी से भी कम बच्चों को पर्याप्त पोषण मिल रहा है

देश में दो साल से कम के सिर्फ 6.4 फीसदी बच्चे ही ऐसे हैं जिन्हें न्यूनतम जरूरी पोषण वाली खुराक मिलती है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक सर्वे में यह बात सामने आई है. राज्यवार देखें तो आंध्र प्रदेश का हाल सबसे बुरा है जहां यह आंकड़ा 1.3 फीसदी है. बल्कि देखा जाए तो महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे जिन राज्यों को विकसित माना जाता है उनका हाल भी कमोबेश ऐसा ही है. ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे पिछड़े माने जाने वाले राज्य उनसे आगे हैं. उधर, सिक्किम ने इस मामले में सबसे कम बुरा प्रदर्शन किया है जहां दो साल से कम के करीब 36 फीसदी बच्चों को जरूरी न्यूतनम पोषण मिल रहा है.

सर्दी-जुकाम की दवा अब जनरल स्टोर पर भी मिलेगी

जल्द ही सर्दी, जुकाम और फ्लू जैसी साधारण बीमारियों के लिए कस्टमाइज्ड दवाएं जनरल स्टोर से भी खरीदी जा सकेंगी. दैनिक भास्कर के मुताबिक दवा नियामक प्राधिकरण एक नए प्रस्ताव को पेश करने वाला है जिसके तहत बगैर डॉक्टर के निर्देश के खरीदी जाने वाली दवाओं को छोटी पैकिंग में किराना स्टोर पर बेचा जा सकेगा. इससे दवाओं के ओवरडोज की संभावना को खत्म किया जा सकेगा. ओवर द काउंटर ड्रग्स की बिक्री के मुद्दे पर गठित की गई विशेषज्ञों की एक समिति ने यह सुझाव दिया है. उसका कहना है कि इन दवाओं पर पर्याप्त लेबलिंग की जाए जिससे कंज्यूमर्स दवाओं को खुद परखकर अपने मुताबिक इस्तेमाल कर सकें.