राष्ट्रीय स्वयंसेवक संगठन के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या यानी मॉब लिंचिग एक पश्चिमी तरीका है. उनके मुताबिक देश को बदनाम करने के लिए भारत के संदर्भ में इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. पीटीआई के मुताबिक विजयादशमी के मौके पर नागपुर में अपने संबोधन में मोहन भागवत ने यह भी कहा कि भारत में लोकतंत्र कहीं बाहर से नहीं आया बल्कि यह व्यवस्था सदियों से यहां है. उनका यह भी कहना था कि विश्व में बहुत से लोग भारत की वैचारिक प्रक्रिया को बदलना चाहते हैं. मोहन भागवत ने कहा, ‘निहित स्वार्थ वाले नहीं चाहते कि भारत मजबूत और जीवंत बने.’
इससे पहले मोहन भागवत ने विजयादशमी के मौके पर ‘शस्त्र पूजा’ की. दशहरे का त्यौहार सरसंघचालकों के लिए काफी मायने रखता है क्योंकि इसी दिन 1925 में संघ की स्थापना हुई थी. आज के वार्षिक समारोह में एचसीएल के संस्थापक शिव नाडर मुख्य अतिथि थे. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस भी इस सामारोह में मौजूद रहे. इस मौके पर शिव नाडर ने कहा कि सरकार अकेले देश को आगे नहीं ले जा सकती, बल्कि देश के सामने जो चुनौतियां और समस्याएं हैं उनके समाधान के लिए सभी पक्षकारों को मिलकर काम करना होगा.
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