संयुक्त राष्ट्र पर तंगी छा गई है. इसके महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने कहा है कि इस महीने के आखिर तक संस्था के पास रखा पैसा पूरी तरह खत्म हो जाने की आशंका है. संयुक्त राष्ट्र सचिवालय में काम करने वाले 37,000 कर्मचारियों को लिखे एक पत्र में उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को वेतन और अन्य भत्ते देने के लिये खर्चों में कमी लाने को लेकर अतिरिक्त कदम उठाये जाएंगे.

पीटीआई के मुताबिक इस चिट्ठी में एंटोनियो गुटेरेश ने लिखा है, ‘सदस्य देशों ने 2019 के लिये जरूरी हमारे नियमित बजट का केवल 70 प्रतिशत ही भुगतान किया है. इसके कारण सितंबर में संस्था के पास 23 करोड़ डॉलर नकदी की कमी है. हमारे सामने इस माह के अंत तक नकदी भंडार के समाप्त होने का जोखिम है.’ एंटोनियो गुटेरेश ने खर्च में कमी लाने के लिये सम्मेलनों और बैठकों को टालने और दूसरी सेवाओं में कटौती की बात कही है. साथ ही उन्होंने केवल जरूरी कामकाज को लेकर ही आधिकारिक यात्रा और ऊर्जा बचत के लिये कदम उठाने का भी जिक्र किया.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने सदस्य देशों से इस साल की शुरूआत में संस्था की नकदी संबंधी समस्या दूर करने के लिये योगदान राशि बढ़ाने को कहा था. लेकिन सदस्य देशों ने इससे मना कर दिया. एंटोनियो गुटेरेश ने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र की वित्तीय स्थिति के लिये अंतत: सदस्य देश ही जिम्मेदार हैं.’ संयुक्त राष्ट्र का बजट 2018-19 के लिये करीब 5.4 अरब डॉलर था. इसमें अमेरिका का योगदान 22 प्रतिशत रहा. इसमें शांति स्थापना से जुड़े कार्यों के लिये होने वाला खर्च शामिल नहीं है.