जम्मू कश्मीर में परीक्षाओं से पहले पाठ्यक्रम को पूरा कराने के लिए शिक्षक स्कूलों की जगह घरों में विशेष कक्षाएं आयोजित कर रहे हैं. कश्मीर के कई हिस्सों में इस तरह की विशेष कक्षायें चल रही हैं.

निजी स्कूल के अध्यापक मोहम्मद अबीद ने ‘पीटीआई’ को बताया, ‘हम स्कूल के बजाय घर में विशेष कक्षाएं आयोजित कर रहे हैं, ताकि वर्तमान अकादमिक सत्र के पाठ्यक्रम को पूरा करने में छात्रों की मदद कर सकें.’ छात्रों द्वारा ‘नया स्कूल’ कहे जाने वाले इस घर में रोजाना सुबह आठ बजे से 11 बजे तक विशेष कक्षाएं आयोजित की जाती हैं. आठवीं कक्षा के छात्र के पिता बशीर अहमद ने घर के बाहर अपने बेटे का इंतजार करते हुए कहा, ‘मेरा बेटा 14 साल का है और मैं नहीं चाहता कि उसकी पढाई की राह में कोई रोड़ा आए.’ सेबदन और नजदीकी बेमिना में भी ऐसे ही कई कक्षाएं आयोजित की जा रही हैं.

बेमिना इलाके के आसपास के कुछ इलाकों में अभी हाल ही में सुरक्षा बलों पर पथराव हुआ था. इस घटना में शामिल अधिकतर बच्चों की उम्र 10 साल के करीब थी और वे विशेष कक्षाओं के लिए ही जा रहे थे. कई अभिभावकों ने इस तरह की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की क्योंकि उन्हें अंदेशा है कि इस तरह की घटनाओं के चलते ये विशेष कक्षायें भी बंद हो सकती हैं.

जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त करने और प्रांत को जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख दो केन्द्र शासित प्रदेश में विभाजित करने के केन्द्र सरकार के पांच अगस्त के कदम के बाद से ही कश्मीर में पाबंदियां लगी हैं. घाटी में लगातार 65 दिन से जारी बंद के कारण बच्चों की शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हुई है. कश्मीर के संभागीय आयुक्त आधार खान ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि स्कूल तीन अक्टूबर को फिर से खुलेंगे जबकि कॉलेज में पढ़ाई नौ अक्टूबर से शुरू होगी. लेकिन बुधवार तक सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहे और उनके दोबारा खुलने को लेकर भी कोई सूचना नहीं दी गई है.