पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में सर्दियों से पहले आतंकवादियों की घुसपैठ के लिए नियंत्रण रेखा के पास 20 आतंकी प्रशिक्षण शिविर और 20 आतंकी अड्डों (लॉन्च पैड) को सक्रिय किया है. खुफिया अधिकारियों के मुताबिक, फरवरी में पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकवादी हमले और उसकी प्रतिक्रिया में बालाकोट में भारतीय वायु सेना द्वारा किए गए हमले के बाद ये शिविर अस्थायी तौर पर बंद कर दिए गए थे. लेकिन अब ये फिर से सक्रिय हो गए हैं.

अधिकारियों के मुताबिक, ‘हमारे पास खुफिया जानकारी है कि पाकिस्तान ने कम से कम 20 आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर और 20 अड्डों को सक्रिय किया है. प्रत्येक में कम से कम 50 आतकंवादी हैं. ये सभी आतंकवादी नियंत्रण रेखा के जरिए मौका मिलते ही घुसपैठ करने की ताक में हैं.’ जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा है कि राज्य में 200 से 300 आतंकवादी सक्रिय हैं और पाकिस्तान ने सीमापार से गोलीबारी तेज की है ताकि सर्दियों से पहले ज्यादा से ज्यादा संख्या में आतंकवादियों की घुसपैठ करायी जा सके. संघर्ष विराम उल्लंघन कनाचक, आर एस पुरा और हीरा नगर (अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे हुए) और नियंत्रण रेखा पर पुंछ, राजौरी, उरी, नम्बला, करनाह और केरन में बढ़ी हैं.

वहीं एक अन्य अधिकारी ने बताया कि ऐसी खुफिया जानकारी है कि जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा, हिज्बुल मुजाहिदीन और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े शीर्ष आतंकवादियों ने हाल ही में एक बैठक की है और सुरक्षा बलों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों पर हमले तेज करने का निर्णय लिया है.