अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी से गुजर रही है जिसके कारण इस साल दुनिया के 90 प्रतिशत देशों में वृद्धि दर कम होगी. संस्था के मुताबिक भारत जैसी उभरती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर इस मंदी का असर कुछ अधिक है. आईएमएफ की नई प्रबंध निदेशक क्रिस्टैलीना जियॉर्जिएवा ने विश्व बैंक और आईएमएफ की सालाना बैठक से पहले मंगलवार को अपने संबोधन में यह बात कही. उनके मुताबिक मंदी की व्यापकता के कारण इस साल आर्थिक वृद्धि दर दशक के निचले स्तर पर आ जाएगी. उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह वैश्विक आर्थिक परिदृश्य जारी होगा और उसमें पूर्वानुमान में कटौती की जाएगी.

क्रिस्टैलीना जियॉर्जिएवा ने कहा कि करीब 40 उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर पांच प्रतिशत से अधिक रहेगी. उनका यह भी कहना था कि अमेरिका और जर्मनी में बेरोजगारी की दर ऐतिहासिक निचले स्तर पर है, हालांकि इसके बाद भी अमेरिका और जापान और यूरोप की विकसित अर्थव्यवस्थाओं में आर्थिक गतिविधियों में मंदी देखने को मिल रही है. आईएमएफ मुखिया का कहना था कि भारत और ब्राजील जैसी बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं में मंदी का असर अधिक ही देखने को मिल रहा है. उनके मुताबिक चीन की आर्थिक वृद्धि दर भी धीरे-धीरे गिर रही है.