मार्क्सवाद और वेद अक्सर एक दूसरे के विरोधी माने जाते हैं, लेकिन केरल में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) इस खाई को पाटने के लिए मार्क्सवाद, वेद, उपनिषद और पुराण पर संगोष्ठी करवाएगी. इस कदम को दक्षिण भारतीय प्रदेश केरल में संघ परिवार के बढ़ते प्रभाव को रोकने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है.

भाकपा सूत्रों ने बताया कि कन्नूर स्थित एन ई बलराम स्मृति न्यास के तत्वावधान में वेद, उपनिषद, संस्कृति, कला और साहित्य पर एक संगोष्ठी आयोजित का आयोजन किया जायेगा. इस तीन दिवसीय संगोष्ठी का नाम ‘भारतीयम-2019’ रखा गया है, जो 25 अक्टूबर से कन्नूर जिले में आयोजित होगी. राष्ट्रीय महासचिव डी राजा संगोष्ठी का उद्घाटन करेंगे जबकि समापन समारोह में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के शामिल होने की संभावना है. हाल ही में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भी कन्नूर में श्रीकृष्ण जयंती पर बालगोकुलम की शोभा यात्रा निकालकर ऐसा ही आयोजन किया था.

भाकपा के वरिष्ठ नेता सीएन चंद्रन ने कहा कि ‘वेद और ईसाइयत’ तथा ‘वेद, बौद्ध धर्म और सूफी’ जैसे विषयों पर अलग से शोध पत्र प्रस्तुत किए जायेंगे. चंद्रन ने कहा कि संगोष्ठी में इस विषय पर चर्चा होगी कि वामपंथी विचारधारा का वेद और उपनिषद के प्रति क्या रवैया रहा है और पार्टी के विचारकों का इसके प्रति क्या नजरिया रहा. उन्होंने कहा कि वेद और उपनिषद वैज्ञानिक विचारधारा का प्रतिनिधित्व करते हैं लेकिन संघ परिवार के लोग इन विषयों पर अपना एकाधिकार मानते हैं और आज के दौर में उनकी गलत व्याख्या करते हैं.