फ्रांस में लड़ाकू विमान रफाल की डिलीवरी के मौके पर आईं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तस्वीरों पर बहस गर्म है.. इन तस्वीरों में रक्षा मंत्री रफाल पर ओम लिखते और नारियल रखते दिख रहे हैं तो वहीं विमान के पहियों के नीचे नींबू रखे दिख रहे हैं.

कांग्रेस ने इसे तमाशा बताया है. पार्टी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जब उनकी सरकार के दौरान बोफोर्स तोपें खरीदी गई थीं तो इस तरह का दिखावा नहीं किया गया था.

उनके इस बयान पर गृह मंत्री अमित शाह ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि शस्त्र पूजा तमाशा नहीं बल्कि देश की परंपरा है लेकिन कांग्रेस इस परंपरा से खुश नहीं हुई. अमित शाह के मुताबिक पार्टी को सोचना चाहिए कि किस चीज की आलोचना की जाती है और किसकी नहीं.

खुद कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता संजय निरूपम ने भी मल्लिकार्जुन खड़गे के इस बयान की आलोचना की. उन्होंने कहा कि शस्त्र पूजा को तमाशा नहीं कहा जा सकता. उनका यह भी कहना था कि मल्लिकार्जुन खड़गे नास्तिक हैं, लेकिन कांग्रेस में सभी नास्तिक नहीं हैं. यह मुद्दा सोशल मीडिया पर भी बहस का सबब बना हुआ है. कुछ लोगों ने राफेल के पहियों तले नींबू रखने को अंधविश्वास बताया है तो कुछ लोगों ने इसे भारतीय परंपरा का सम्मान माना है.

अब इसके सबके बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पुराना बयान भी सुर्खियों में आ गया है. यह बयान 2017 का है. तब नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में मेट्रो रेल के उद्घाटन के दौरान एक कार्यक्रम में इस तरह के अंधविश्वास का मज़ाक उड़ाया था. प्रधानमंत्री ने कहा था, ‘आपने देखा होगा कि एक मुख्यमंत्री ने कार खरीदी. किसी ने कार के रंग के संबंध में कुछ बता दिया तो उन्होंने कार के ऊपर नींबू, मिर्च और जाने क्या-क्या रख दिया. मैं आधुनिक युग की बात कर रहा हूं.’ उनका आगे कहना था, ‘ये लोग देश को क्या प्रेरणा देंगे. ऐसे लोग सार्वजनिक जीवन का बहुत अहित करते हैं.’

Play

इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंधविश्वास को देश के लिए अहितकारी बताते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नोएडा आने के लिए बधाई भी दी थी. नरेंद्र मोदी का कहना था कि योगी आदित्यनाथ ने नोएडा आकर इस मिथक को तोड़ दिया है कि यहां आने पर सत्ता चली जाती है.