वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज मुंबई में भाजपा कार्यालय के बाहर जमा पीएमसी बैंक के नाराज ग्राहकों से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि इन ग्राहकों के हितों की रक्षा की जाएगी और इसके लिए विधायी बदलाव किये जा रहे हैं. निर्मला सीतारमण 21 अक्टूबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए होने वाले मतदान के संबंध में यहां संवाददाता सम्मेलन करने वाली थीं. इसकी सूचना पाकर पीएमसी बैंक के नाराज ग्राहक भाजपा कार्यालय के बाहर जमा हो गये. निर्मला सीतारमण ने कहा कि वे पीएमसी के ग्राहकों के हितों के बारे में रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास से बातचीत करेंगी और उन्हें इन ग्राहकों की दिक्कतों से अवगत कराएंगी.

निर्मला सीतारमण का यह भी कहना था कि वित्तीय सेवा विभाग और आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव जल्दी ही रिजर्व बैंक के एक डिप्टी गवर्नर से मुलाकात करेंगे और बहुराज्यीय सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली में खामियों पर चर्चा करेंगे. वित्त मंत्री ने कहा कि, ‘वे देखेंगे कि क्या कानूनों में बदलाव की जरूरत है. वे इस तरह की घटनाओं के दोहराव को रोकने और नियामक को मजबूती देने के लिये आवश्यक विधायी कदमों पर चर्चा करेंगे.’ निर्मला सीतारमण का यह भी कहना था कि भाजपा सरकार इसे लेकर संसद के शीतकालीन सत्र में विधेयक लाएगी.

खराब माली हालत के चलते पीएमसी बैंक को रिजर्व बैंक ने अपनी निगरानी में ले लिया है और उस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं. रिजर्व बैंक ने कहा है कि बिना उसकी लिखित अनुमति के पीएमसी बैंक फिक्स डिपॉज़िट नहीं कर सकता और न ही वह कर्ज दे सकता है. उसके कोई नया निवेश करने पर भी रोक लग गई है.