दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर मालविंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. उन पर हेराफेरी का आरोप है. पीटीआई के मुताबिक यह कथित हेराफेरी रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (आरएफएल) में हुई. अधिकारियों ने बताया कि 2,397 करोड़ रुपये की हेराफेरी कर उसे अन्य कंपनियों में निवेश करने के आरोप में मालविंदर के भाई शिविंदर मोहन सिंह, रेलिगेयर इंटरप्राइजेज लिमिटेड (आरईएल) के पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक सुनील गोधवानी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.

आरएफएल, आरईएल की सहायक कंपनी है. शिविंदर मोहन सिंह और उनके बड़े भाई मालविंदर सिंह पहले आरईएल के प्रमोटर थे. वे रैनबैक्सी के भी प्रमोटर रह चुके हैं. पुलिस के मुताबिक फरार चल रहे मालविंदर के खिलाफ एक लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था. अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ईओडब्ल्यू) ओपी मिश्रा ने बताया कि उन्हें लुधियाना से हिरासत में लिया गया.

ईओडब्ल्यू ने मार्च में शिविंदर मोहन सिंह, सुनील गोधवानी और अन्य के खिलाफ आरएफएल के मनप्रीत सिंह सूरी से शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज की थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि कंपनी का प्रबंधन करते समय इन दोनों भाइयों ने कर्ज लिया था लेकिन यह पैसा उन्होंने दूसरी कंपनियों में लगा दिया जो डिफॉल्टर हो गईं. ओपी मिश्रा ने कहा, ‘उन्होंने अपने नियंत्रण वाली कंपनियों को कर्ज देकर आरएफएल को खराब वित्तीय स्थिति में डाल दिया. जिन कंपनियों को ऋण दिया गया था, उन्होंने जान-बूझकर उसका भुगतान नहीं किया. इससे आरएफएल को 2,397 करोड़ रुपये का घाटा हुआ.’