चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत पहुंच गए हैं. थोड़ी ही देर पहले उनका विमान चेन्नई हवाई अड्डे पर उतरा जहां तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित और मुख्यमंत्री ई पलानिसामी ने उनकी अगवानी की. थोड़ी ही देर में वे ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मामल्लापुरम (महाबलिपुरम) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. रात तक चलने वाली बैठक के बाद दोनों नेता चर्चाओं को जारी रखने के लिए शनिवार को दोबारा मिलेंगे. इसके बाद शी जिनपिंग नेपाल रवाना हो जाएंगे.

यह राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच दूसरी अनौपचारिक मुलाकात होगी. दोनों के बीच इस तरह की पहली मुलाकात पिछले साल चीन के शहर वुहान में हुई थी. यह अप्रैल 2018 की बात है. इस बैठक का नतीजा यह रहा था कि 2017 के डोकलाम विवाद के बाद दोनों देशों के संबंध वापस सामान्य हो गए थे.

चूंकि यह अनौपचारिक बातचीत है, इसलिए इस दौरान नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच किसी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर नहीं होंगे. दोनों देशों के मुखिया कोई साझा बयान भी जारी नहीं करेंगे. सरकारी सूत्रों के मुताबिक इस बैठक का मकसद उच्च स्तर पर संबंधों में बेहतरी लाना और आतंकवाद और सीमा विवाद जैसे अहम मुद्दों पर राय साझा करना है.