नोबेल शांति पुरस्‍कार की घोषणा हो गई है. पीटीआई के मुताबिक इस बार यह प्रतिष्ठित पुरस्‍कार देने वाली समिति ने इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली को चुना है. 43 साल के अबी अहमद अली को यह सम्मान इरीट्रिया के साथ सीमा संघर्ष को हल करने के लिए उनकी निर्णायक पहल के लिए दिया जाएगा.

इरीट्रिया करीब तीन दशक के लंबे संघर्ष के बाद 1993 में इथियोपिया से अलग हुआ था. जल्द ही दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को लेकर झगड़े होने लगे. सीमाई शहरों पर बम और गोलाबारी आम बात हो गई. दो दशक से भी लंबे समय तक चले इस संघर्ष में दोनों देशों के कम से कम एक लाख लोगों को जान गंवानी पड़ी.

इस संघर्ष के खत्म होने के आसार नहीं लग रहे थे कि तभी सितंबर 2018 में अबी अहमद अली की तरफ से शांति की असाधारण पहल हुई. कभी छापामार लड़ाके रहे अबी अहमद अली की इस इलाके के अलग-अलग समुदायों के बीच अच्छी पकड़ है. उनकी कोशिशों से दोनों देशों के बीच शांति समझौता हुआ और एक लंबे समय से चले आ रहे टकराव पर विराम लग गया. इसके बाद से ही संभावना जताई जा रही थी कि इस बार शांति का नोबेल पुरस्कार उन्हें दिया जा सकता है. आखिर में कुल 330 लोगों और संगठनों को पीछे छोड़ते हुए उन्हें ही यह हासिल हुआ.