प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग कल शुरू हुई अपनी अनौपचारिक बैठक को आज भी जारी रखेंगे. आज वे महाबलिपुरम में ताज फिशरमैन के कोव रिसॉर्ट में मुलाकात करेंगे. यह ‘वन टू वन’ बैठक होगी जो करीब 40 मिनट चलेगी. इस अनौपचारिक मुलाकात के बाद भारत और चीन मीडिया के लिए बयान जारी करेंगे. चूंकि यह अनौपचारिक बैठक है इसलिए दोनों देश किसी समझौते को लेकर संयुक्त बयान जारी नहीं करेंगे.

इससे पहले नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग ने शुक्रवार को प्राचीन तटीय शहर महाबलिपुरम के भव्य ‘शोर मंदिर’ परिसर में रात्रिभोज के दौरान ढाई घंटे तक बातचीत की. दोनों नेताओं ने आतंकवाद और कट्टरपंथ की चुनौतियों का मिलकर सामना करने का संकल्प लिया.

विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि दोनों नेताओं ने निवेश के नए क्षेत्रों को पहचानने, व्यापार बढ़ाने और द्विपक्षीय व्यापार की अहमियत पर ध्यान केंद्रित करते हुए व्यापार और आर्थिक मामलों पर चर्चा की. नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग ने व्यापार घाटे और व्यापार में असंतुलन पर भी बातचीत की.

विजय गोखले ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने कहा कि (प्रधानमंत्री पद पर) दूसरे कार्यकाल के लिए उन्हें चुना जाना आर्थिक विकास के लिए मिला जनादेश है. राष्ट्रपति शी ने प्रधानमंत्री मोदी को जनादेश मिलने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि वे आगामी साढे चार साल में नरेंद्र मोदी के साथ सभी मुद्दों पर करीबी तौर पर काम करने के इच्छुक हैं.’