प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच आज हुई बातचीत वुहान शिखर सम्मेलन के बाद की प्रगति पर केंद्रित रही. दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच इस दूसरे अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में न तो कश्मीर मुद्दा उठा और न ही इस पर कोई चर्चा हुई.

पीटीआई के मुताबिक विदेश सचिव ने विजय गोखले ने बताया, ‘शी जिनपिंग और नरेंद्र मोदी ने कहा कि दोनों देशों को भविष्य की ओर देखने की जरूरत है. साथ ही दोनों नेताओं ने इस बात पर भी सहमति जताई कि दोनों देशों को आतंकवाद की चुनौती से निपटने के लिए साथ काम करना चाहिए.’

चीनी राष्ट्रपति ने आश्वासन दिया कि चीन के साथ भारत को जो व्यापार घाटा हो रहा है उसे कम करने के लिए वे ठोस कदम उठाने की खातिर तैयार हैं. दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि व्यापार और निवेश संबंधी मुद्दों के लिए एक नयी प्रणाली स्थापित की जाएगी.

विजय गोखले ने बताया कि चीनी राष्ट्रपति ने रक्षा सहयोग बढ़ाने की जरूरत के बारे में बात की. शी जिनपिंग ने आश्वासन दिया कि क्षेत्रीय समग्र आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) को लेकर भारत की चिंताओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने नियम आधारित वैश्विक व्यापार प्रणाली के महत्व पर जोर दिया. साथ ही दोनों नेताओं ने महसूस किया कि उन्हें तमाम महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग करना चाहिए.