महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले राजनेताओं के बयान एक दूसरे के प्रति तल्ख हो गए हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने शनिवार को राकांपा प्रमुख और पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार और उनकी नीतियों को राज्य में किसानों की आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या की वजह शरद पवार और उनकी सरकारों का पाप है.

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने विदर्भ के अकोला जिले के अकोट तहसील में एक रैली में आरोप लगाया, ‘किसानों की आत्महत्या शरद पवार और महाराष्ट्र में उनकी सरकार का पाप है. यह उन्हीं के शासनकाल मे शुरू हुआ और उसी दौरान इसमें तेजी आयी.’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘शरद पवार विदर्भ में अपनी रैलियों में किसानों की आत्महत्या की बात कर रहे हैं. मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि जब किसानों ने आत्महत्या करना शुरू किया तब महाराष्ट्र में सत्ता में कौन था.’ मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा, ‘आपने ही (शरद पवार) विदर्भ क्षेत्र को पानी की आपूर्ति रोकी. आप केंद्र में मंत्री थे और आप पिछले 15 साल (1999-2004) तक महाराष्ट्र में सत्ता में थे. आपके भ्रष्ट तरीकों से ही विदर्भ के किसानों से जुड़ी राशि की हेराफेरी हुई. आपने ही इस क्षेत्र में सिंचाई धीमी कर दी, किसान आत्महत्या करने के लिए बाध्य हो गये.’

देवेंद्र फड़णवीस ने यह भी कहा कि राज्य के जिन क्षेत्रों में पानी सिंचाई के लिए सहजता से उपलब्ध है, वहां किसानों की आत्महत्या नजर नहीं आती है. लेकिन जिन क्षेत्रों में सिंचाई ढंग से नहीं हो पाती है वहीं बड़ी संख्या में ऐसी घटनायें देखी जाती हैं. इससे पहले चुनाव प्रचार के दौरान शरद पवार ने राज्य की भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए विदर्भ में किसानों की आत्महत्या का मुद्दा उठाया था.