1-मुंबई की आरे कॉलोनी में मेट्रो शेड के लिए चल रही पेड़ों की कटाई पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है. पर्यावरण कार्यकर्ता इसका विरोध कर रहे थे. लेकिन द प्रिंट हिंदी पर अपने इस लेख में योगेंद्र यादव मानते हैं कि फिलहाल जो कुछ सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है, उसे पूरे संदर्भ में देखते हुए आरे मामले में उठाया गया शीर्ष अदालत का यह कदम वाहवाही लूटने की एक कच्ची कोशिश से ज्यादा नहीं जान पड़ता.

आरे मामला: अदालत का हस्तक्षेप देखने में अच्छा है मगर नीयत का सच्चा नहीं

2-हाल में रिलीज हुई चर्चित फिल्म जोकर ने अमेरिका में एक विवाद पैदा कर दिया है. यह सुपरहीरो फ़िल्मों की दुनिया में सबसे कुख्यात और ख़तरनाक विलेन पर बनी पहली फिल्म है. कई शहरों में सिनेमाघरों ने घोषणा की है कि फ़िल्म देखने के लिए मास्क या फ़ेस पेंट लगाकर या फिर कोई कॉस्ट्यूम पहनकर आने वालों को रोक दिया जाएगा. इस पूरे मसले पर बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट.

जोकर फ़िल्म में ऐसा क्या है जो इतना डरा रहा है

3- तुर्की ने उत्तरी सीरिया में कुर्द इलाकों पर अपनी सैन्य कार्रवाई रोकने से इनकार कर दिया है. सीरिया की संप्रभुता का सम्मान करने की भारत सहित तमाम दूसरे देशों की मांग को उसने धमकी बताकर खारिज कर दिया है. डॉयचे वैले हिंदी पर कैर्स्टेन क्निप्प की यह रिपोर्ट बताती है कि इस पूरे घटनाक्रम से इलाके के शक्ति समीकरण कैसे बदल गए हैं.

सीरिया पर हमले से इलाके में शक्ति संतुलन बदला

4- बीते कुछ सालों के दौरान देश में सांप्रदायिक तनाव का माहौल गहराता दिखा है. न्यूजलॉन्ड्री हिंदी पर इस लेख में आनंद प्रधान मानते हैं कि इसकी बड़ी जिम्मेदारी उस नफरती न्यूज मीडिया खासकर न्यूज चैनलों की है जो देश में सांप्रदायिक प्रोपेगेंडा के भोंपू बनकर सामाजिक माहौल को जहरीला बना रहे हैं. वे यह भी याद दिलाते हैं कि इस मामले में इतिहास से सीखने की जरूरत है.

नफरत फैलाने में लगे न्यूज चैनलों ने इतिहास से कुछ नहीं सीखा

5- अभी तक शुगर और ब्लड प्रेशर के बारे में कहा जाता था कि ये शहरी लोगों की बीमारियां हैं. लेकिन, इधर के कुछ वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में भी ये बीमारियां बहुत तेजी से पैर पसार रही हैं. इस मुद्दे की पड़ताल करती गांव कनेक्शन पर चंद्रकांत मिश्रा की रिपोर्ट.

बिगड़ी जीवनशैली और बदला भोजन ग्रामीणों को बना रहा बीमार