राष्ट्रीय राजधानी के ऊपर फिर से धुंध की परत छाने लगी है. रविवार को दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब हो गई. पीटीआई के मुताबिक वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 245 पर पहुंच गया, जो खराब श्रेणी में आता है. राजधानी के आसपास के क्षेत्रों गाजियाबाद, फरीदाबाद, नोएडा, बागपत, मुरथल में एक्यूआई क्रमश: 287, 233, 275, 258 और 245 दर्ज किया गया है.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार हरियाणा के करनाल जिले में हवा की गुणवत्ता रातों रात बहुत खराब स्थिति में पहुंच गई, जहां एक्यूआई सूचकांक 351 को छू गया.

0 और 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी का माना जाता है.

इससे पहले शनिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि पड़ोसी राज्यों में पराली के जलने से निकलने वाले धुआं दिल्ली पहुंचने लगा है और हवा की गुणवत्ता बिगड़ने लगी है. उनका कहना था, ‘व्यापक रूप से कहा गया है कि दिल्ली में आने वाला धुआं हरियाणा के करनाल में पराली जलने के कारण आता है.’

केंद्र सरकार द्वारा संचालित वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूर्वानुमान और अनुसंधान प्रणाली (सफर) ने भी कहा है कि पंजाब और हरियाणा में पराली जलने से निकलने वाला धुआं 15 अक्टूबर तक दिल्ली के प्रदूषण का छह फीसदी हिस्सा बन जाएगा.