सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है जिसमें सोशल मीडिया खातों को आधार से जोड़ने की मांग की गयी थी. यह याचिका अधिवक्ता और भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दायर की गयी थी. उपाध्याय चाहते थे कि अदालत फेसबुक और ट्विटर सहित सोशल मीडिया के खातों को आधार से जोड़ने के लिये केंद्र को निर्देश दे. साथ ही अदालत ‘फेक और पेड न्यूज’ पर अंकुश पाने के लिये निर्वाचन आयोग और भारतीय प्रेस परिषद को भी इस संबंध में उचित कदम उठाने को कहे.

पीटीआई के मुताबिक सोमवार को न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने जब यह याचिका सुनवाई के लिए आयी तो पीठ ने कहा कि इसी तरह का एक मामला पहले से ही मद्रास हाई कोर्ट में लंबित है, इसलिए इस पर विचार नहीं किया जा सकता. हालांकि, पीठ ने याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट जाने की स्वतंत्रता प्रदान की. इसके बाद याचिकाकर्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने अपनी याचिका वापस ले ली.

शीर्ष अदालत पहले ही सोशल मीडिया खातों को आधार से जोड़ने के मुद्दे पर मद्रास, बंबई और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालयों में लंबित याचिकाओं को अपने यहां स्थानांतरित कराने के लिये फेसबुक की एक अलग याचिका पर सुनवाई कर रहा है.