बिहार में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे पर मंगलवार को एक युवक ने स्याही फेंक दी. स्याही उस समय फेंकी गई जब वह शहर में डेंगू की रोकथाम के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इंतजामों का जायजा लेने के बाद अपनी कार में सवार होने वाले थे. कार के बोनट तथा मंत्री की सीट के सामने वाले शीशे पर स्याही गिरी. हालांकि, केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे इससे अछूते रहे.

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे मरीजों से मिलने तथा अस्पताल के डॉक्टरों और अधिकारियों से चर्चा करने के बाद अपनी कार में सवार होने वाले थे कि उसी समय वाहन के पास स्याही भरी बोतल आकर गिरी. मंत्री के साथ मौजूद लोग इस घटना से हक्का-बक्का रह गए. अश्विनी चौबे ने घटनास्थल पर मौजूद पत्रकारों से कहा कि यह उन लोगों का काम है जो राजनीति में आने से पहले अपराध की दुनिया में थे. केंद्रीय मंत्री ने यह कहकर पप्पू यादव के नाम की तरफ इशारा किया. हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने पप्पू यादव का नाम नहीं लिया, लेकिन चौबे जब तक अस्पताल में रहे, मधेपुरा के पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के नेतृत्व वाली जन अधिकार पार्टी (जेएपी) से जुड़े लोग पटना की सड़कों पर जल जमाव के दौरान और उसके चलते वेक्टर जनित बीमारियां फैलने के बाद लोगों को राहत और उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में ‘सरकार की उदासीनता’ के खिलाफ नारेबाजी करते रहे.

समाचार चैनलों पर प्रसारित फुटेज में घटना के बाद सुरक्षाकर्मी दो लोगों का पीछा करते दिखे, लेकिन घटना के संदिग्ध इन लोगों को पकड़ा नहीं जा सका. इनमें से एक व्यक्ति ने टी शर्ट और काली जींस पहन रखी थी. बाद में टी शर्ट पहना व्यक्ति एक स्थानीय समाचार चैनल पर दिखा और खुद को जेएपी की छात्र शाखा का सदस्य तथा अपना नाम निशांत झा बताया. स्याही फेंकने की घटना के बारे में पूछे जाने पर पप्पू यादव ने कहा, ‘मैं आज सुबह ही दिल्ली से लौटा हूं. मैं यह कह सकता हूं कि जनता के मन में सत्ता में बैठे लोगों के खिलाफ गुस्सा है. घटना को मुझसे या मेरी पार्टी से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. यह लोगों का गुस्सा है जो प्रकट हुआ है.’