मुश्किलों से जूझ रहे पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक के एक और ग्राहक की मौत की खबर है. बताया जा रहा है कि 39 साल की निवेदिता बिजलानी ने नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली. वे पेशे से डॉक्टर थीं और मुंबई के वरसोवा इलाके में रहती थीं. उनकी बैंक में एक करोड़ रु से भी ज्यादा की रकम जमा थी. हालांकि पुलिस को नहीं लगता कि इस आत्महत्या का पीएमसी घोटाले से कोई संबंध है. कहा जा रहा है कि निवेदिता अवसाद यानी डिप्रेशन का शिकार थीं.

पीएमसी बैंक के कुछ अधिकारियों पर प्राइवेट रियल एस्टेट फर्म एचडीआईएल से सांठगांठ कर उसे कर्ज देने का आरोप है. बताया जा रहा है कि इसके चलते बैंक को 4355 करोड़ रु का नुकसान हो गया है जिससे आम ग्राहक जरूरत के हिसाब से पैसा नहीं निकाल पा रहे और उन पर अपनी गाढ़ी कमाई खोने का खतरा मंडरा रहा है.

इससे पहले कल पीएमसी बैंक के एक और ग्राहक की दिल का दौरा पड़ने से मौत की खबर आई थी. उधर, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा है कि उनकी इस मामले पर करीब से नजर है. खबरों के मुताबिक उनका कहना था, ‘चुनाव के बाद हम इस मुद्दे को केंद्र के पास ले जाएंगे. हम केंद्र से अनुरोध करेंगे कि वह खाताधारकों का पैसा वापस लाने में उनकी मदद करे.’

खस्ता माली हालत के चलते रिजर्व बैंक ने पीएमसी बैंक पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी हैं. उदाहरण के लिए इसके ग्राहक छह महीने में अपने खाते से 40 हजार रु से ज्यादा की रकम नहीं निकाल सकते. इससे ऐसे कई लोग परेशान हैं जिन्हें परिवार में शादी या फिर किसी दूसरे बड़े खर्च के लिए पैसे की जरूरत है. घोटाले के मामले में एचडीआईएल के प्रमोटरों को गिरफ्तार कर लिया गया है. उधर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि ग्राहकों के हितों की रक्षा की जाएगी.