निर्मला सीतारमण का मनमोहन सिंह और रघुराम राजन पर निशाना, कहा - सरकारी बैंकों ने सबसे बुरा दौर इन दोनों के कार्यकाल में देखा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत के सरकारी बैंकों का सबसे खराब दौर तब था जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन थे. उन्होंने ये बात अमेरिका में कोलंबिया यूनिवर्सिटी के एक आयोजन में कही. वित्त मंत्री का ये भी कहना था कि आज सरकारी बैंकों को बचाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. रघुराम राजन ने कुछ समय पहले कहा था कि अपने पहले कार्यकाल में अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर नरेंद्र मोदी सरकार का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा. निर्मला सीतारमण ने कहा कि इसके उलट रघुराम राजन के रिजर्व बैंक का गवर्नर रहते हुए काम ठीक से नहीं हुआ. उनका कहना था कि रघुराम राजन के रिजर्व बैंक का गवर्नर रहते हुए नेताओं के फोन कॉल पर ही कर्ज दे दिए जाते थे. निर्मला सीतारमण के मुताबिक इससे हुए नुकसान से उबरने के लिए सरकार को अब बैंकों में पूंजी डालनी पड़ रही है.

अयोध्या मामले में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई आज ही पूरी हो गई. सर्वोच्च अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. माना जा रहा है कि 134 साल पुराने इस विवाद पर जस्टिस रंजन गोगोई रिटायर होने से पहले फैसला सुना देंगे. उनका रिटायरमेंट 17 नवंबर को है.

मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने छह अगस्त से इस मामले में रोजाना सुनवाई शुरू की थी. यानी आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का 40वां दिन था. इससे पहले शीर्ष अदालत ने कोशिश की थी कि मामला बातचीत के जरिए सुलझा लिया जाए. उसने एक मध्यस्थता समिति भी बनाई थी. इसने भी आज अपनी रिपोर्ट शीर्ष अदालत को सौंपी है. कुछ खबरों में ये भी कहा जा रहा है कि इस रिपोर्ट के मुताबिक सुन्नी वक्फ बोर्ड राम मंदिर निर्माण के लिए विवादित जमीन से अपना दावा छोड़ने के लिए तैयार हो गया है. बशर्ते सरकार एक नई मस्जिद के निर्माण के लिए पैसा और जमीन दे.

पी चिदंबरम को अब ईडी ने गिरफ्तार किया, मनी लॉन्डरिंग के मामले में कल अदालत में पेशी

आईएनएक्स मीडिया मामले से जुड़े मनी लॉन्डरिंग के एक केस में प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया है. ईडी के अधिकारियों की एक टीम आज दिल्ली की तिहाड़ जेल पहुंची थी. मंगलवार को एक स्थानीय अदालत ने केंद्रीय जांच एजेंसी को उनसे पूछताछ करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें गिरफ्तार करने की अनुमति दी थी. कल पूर्व वित्त मंत्री को अदालत में पेश किया जाएगा. पी चिदंबरम करीब 55 दिन सीबीआई और न्यायिक हिरासत में बिता चुके हैं. सीबीआई ने 21 अगस्त को उन्हें गिरफ्तार किया था. ये गिरफ्तारी 2006 के आईएनएक्स मीडिया मामले में हुई थी. आरोप है कि इस मीडिया समूह में विदेशी निवेश की मंजूरी देने में गड़बड़ी हुई. तब वित्त मंत्री पी चिदंबरम ही थे. हालांकि वे इन सारे आरोपों को खारिज करते रहे हैं. उनका कहना है कि उनके खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई हो रही है.

नरेंद्र मोदी का कांग्रेस और एनसीपी पर हमला, कहा - अनुच्छेद 370 पर हुए फैसले का महाराष्ट्र से लेना-देना पूछने वालों को डूब मरना चाहिए

महाराष्ट्र और हरियाणा में 21 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक पारा चढ़ता जा रहा है. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के अकोला में एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के मुद्दे पर उन्होंने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा. प्रधानमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र के कितने ही जवान कश्मीर में शहादत देते हैं और ऐसे में कश्मीर से महाराष्ट्र का वास्ता पूछने वालों को डूब मरना चाहिए. महाराष्ट्र में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और एनसीपी लगातार कह रहे हैं कि भाजपा और मोदी सरकार 370 का जिक्र कर असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटका रही है. मंगलवार को ही एनसीपी प्रमुख शरद पवार का बयान आया था कि भाजपा के पास हर मुद्दे और हर सवाल का जवाब बस धारा 370 है.

अफगानिस्तान में बम धमाके में तीन लोगों की मौत, 20 बच्चे घायल

अफगानिस्तान में आज एक बम धमाके में तीन लोगों की मौत हो गई और करीब 27 लोग घायल हो गए. ये धमाका देश के पूर्वी प्रांत लगमान में एक ट्रक में हुआ. मरने वालों में दो सुरक्षाकर्मी हैं. घायलों में 20 बच्चे शामिल हैं. पुलिस मुख्यालय की इमारत के पास हुए इस बम धमाके की चपेट में आकर नजदीक का एक मदरसा भी क्षतिग्रस्त हो गया. अधिकारियों ने हमले की पुष्टि करते हुए इसके लिए तालिबान को दोषी ठहराया है. उधर, तालिबान ने मीडिया को भेजे गए अपने बयान में हमले की जिम्मेदारी ली है. उसमें इसमें दर्जन भर सुरक्षा बलों की मौत का दावा किया है. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार अफगानिस्तान में स्कूलों पर हो रहे हमलों की संख्या 2017 के मुकाबले औसतन तीन गुनी हो गयी है.