राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई कल पूरी हो गई. फैसला बाद में सुनाया जाएगा और संभावना है कि यह 17 नवंबर से पहले ही आ जाएगा क्योंकि उस दिन इस मामले की सुनवाई करने वाली संवैधानिक पीठ के अध्यक्ष और मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई रिटायर हो रहे हैं. यह खबर आज सभी अखबारों के पहले पन्ने पर है. इसके अलावा पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को अब ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है. उन्हें आईएनएक्स मामले से जुड़े मनी लॉन्डरिंग के एक केस में गिरफ्तार किया गया है. इस खबर को भी अखबारों ने प्रमुखता से जगह दी है.

पाकिस्तान एफएटीएफ की काली सूची से फिलहाल बच सकता है

पाकिस्तान आतंकी फंडिंग रोकने के लिए गठित अंतरराष्ट्रीय एजेंसी फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स यानी एफएटीएफ की फांस से फिलहाल बचता दिख रहा है. पेरिस में हो रही इस संस्था की बैठक में पाकिस्तान पर फैसला कल आएगा. लेकिन दैनिक जागरण के मुताबिक जो संकेत मिल रहे हैं उनसे लगता है कि उसे जून, 2020 तक ग्रे लिस्ट यानी निगरानी वाले राष्ट्रों की सूची में ही बनाए रखा जाएगा. एफएटीएफ के तीन महत्वपूर्ण सदस्य चीन, तुर्की और मलेशिया पाकिस्तान की मदद के लिए तैयार हैं. अमेरिका समेत कुछ अन्य देश भी कई वजहों से नहीं चाहते कि पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगे. उसे एफएटीएफ की काली सूची में डाले जाने का मतलब होगा कि उसकी अर्थव्यवस्था और बदहाल हो जाएगी. इसका उल्टा असर भी पड़ सकता है और आतंकी संगठनों की जड़ें भी मजबूत हो सकती हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से संचार सेवा पर पाबंदी को लेकर जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से वे आदेश अपने सामने पेश करने को कहा है जिनके आधार पर राज्य में संचार सेवा पर पाबंदी लगाई गई थी. इंडियन एक्सप्रेस ने यह खबर दी है. पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म करने के बाद राज्य में संचार सहित कई सुविधाओं पर पाबंदी लगा दी गई थी. हालांकि धीरे-धीरे अब यह पाबंदी हटाई जा रही है. राज्य में लैंडलाइन के साथ पोस्टपेड मोबाइल सेवा शुरू हो गई है. हालांकि एसएमएस और इंटरनेट सेवा पर अब भी रोक है. राज्य में स्कूल खोले जा चुके हैं और पर्यटकों के लिए जारी एडवाइजरी भी वापस ले ली गई है.

उत्तर प्रदेश में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द

अयोध्या मामले पर फैसला आने से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं. हिंदुस्तान टाइम्स ने अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि 30 नवंबर तक सभी की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. पुलिस को सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं. हालांकि अतिरिक्त मुख्य सचिव मुकुल सिंह का कहना है कि छुट्टियां रद्द करने का यह फैसला त्योहारों का वक्त देखते हुए किया गया है. हालांकि एक दूसरे अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इसकी वजह अयोध्या विवाद में आने वाला फैसला ही है.