रियल एस्टेट समूह एचडीआईएल के प्रमोटरों राकेश और सारंग वधावन ने आरबीआई और जांच एजेंसियों से अनुरोध किया है कि पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक का बकाया चुकाने के लिए उनकी संपत्तियां बेची जाएं. ये दोनों पीएमसी बैंक घोटाले में मुख्य आरोपित हैं. उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है. पीटीआई के मुताबिक पिता-पुत्र के हस्ताक्षर के साथ जारी एक पत्र में कहा गया है, ‘हम प्राथमिकी में लगाए आरोपों को खारिज करते हुए आपसे अपनी कुछ संपत्तियों को बेचने और इसे संबंधित कंपनियों द्वारा लिए कर्ज के रूप में चुकाने के वास्ते फौरन कदम उठाने का अनुरोध करते हैं.’ पत्र में दी गई संपत्तियों की सूची में कई महंगी कारें शामिल हैं.

पीएमसी बैंक के कुछ अधिकारियों पर प्राइवेट रियल एस्टेट फर्म एचडीआईएल से सांठगांठ कर उसे कर्ज देने का आरोप है. बताया जा रहा है कि इसके चलते बैंक को 4355 करोड़ रु का नुकसान हो गया है जिससे आम ग्राहक जरूरत के हिसाब से पैसा नहीं निकाल पा रहे और उन पर अपनी गाढ़ी कमाई खोने का खतरा मंडरा रहा है. अब तक पीएमसी बैंक के तीन ग्राहकों की अलग-अलग कारणों से मौत की खबर आ चुकी है.

उधर, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा है कि उनकी इस मामले पर करीब से नजर है. खबरों के मुताबिक उनका कहना था, ‘चुनाव के बाद हम इस मुद्दे को केंद्र के पास ले जाएंगे. हम केंद्र से अनुरोध करेंगे कि वह खाताधारकों का पैसा वापस लाने में उनकी मदद करे.’

खस्ता माली हालत के चलते रिजर्व बैंक ने पीएमसी बैंक पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी हैं. उदाहरण के लिए इसके ग्राहक छह महीने में अपने खाते से 40 हजार रु से ज्यादा की रकम नहीं निकाल सकते. इससे ऐसे कई लोग परेशान हैं जिन्हें परिवार में शादी या फिर किसी दूसरे बड़े खर्च के लिए पैसे की जरूरत है. उधर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि ग्राहकों के हितों की रक्षा की जाएगी.