पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है जिसमें मौजूदा बैंकिंग संकट के लिए उन्हें दोषी ठहराया गया था. उन्होंने कहा कि सरकार पर हर समस्या का ठीकरा अपने विरोधियों पर फोड़ने की सनक सवार हो गई है. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मनमोहन सिंह ने कहा, ‘मैंने अभी-अभी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बयान देखा. मैं इस बयान पर प्रतिक्रिया नहीं दूंगा, लेकिन ये जरूर कहूंगा कि अर्थव्यवस्था का इलाज करने से पहले ठीक से ये समझा जाए कि इसकी बीमारी क्या है और उसके क्या कारण हैं. सरकार पर अपने विरोधियों को दोषी ठहराने की सनक सवार हो गई है, इसलिए वो अर्थव्यवस्था में फिर जान फूंकने वाले उपाय नहीं खोज पा रही.’

इससे पहले निर्मला सीतारमण ने कहा था कि भारत के सरकारी बैंकों का सबसे खराब दौर तब था जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन थे. उन्होंने यह बात अमेरिका में कोलंबिया यूनिवर्सिटी के एक आयोजन में कही. वित्त मंत्री का यह भी कहना था कि आज सरकारी बैंकों को बचाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उनका कहना था, ‘रघुराम राजन के रिजर्व बैंक का गवर्नर रहते हुए कर्ज नेताओं के फोन कॉल पर ही दे दिए जाते थे.’ निर्मला सीतारमण के मुताबिक इससे हुए नुकसान से उबरने के लिए सरकार को अब बैंकों में पूंजी डालनी पड़ रही है.