पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है जिसमें मौजूदा बैंकिंग संकट के लिए उन्हें दोषी ठहराया गया था. उन्होंने कहा कि सरकार पर हर समस्या का ठीकरा अपने विरोधियों पर फोड़ने की सनक सवार है. इस खबर को आज कई अखबारों ने प्रमुखता से जगह दी है. मनमोहन सिंह ने कहा कि अर्थव्यवस्था का इलाज करने से पहले ठीक से ये समझना होगा कि इसकी बीमारी क्या है और उसके क्या कारण हैं. इसके अलावा देश की राजधानी दिल्ली में चार नवंबर से 15 नवंबर तक ऑड-ईवन योजना के दायरे में बाहर से आने वाली गाड़ियां भी आएंगी. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यह जानकारी दी. इस खबर को भी कई अखबारों ने पहले पन्ने पर छापा है.

पाकिस्तान के एफ-16 ने स्पाइसजेट के विमान को घेरा

पिछले माह दिल्ली से काबुल जा रहे स्पाइसजेट के विमान को पाकिस्तानी वायुसेना ने भारतीय वायुसेना का विमान समझकर घेर लिया था. दैनिक जागरण के मुताबिक बाद में असलियत पता चलने पर एफ-16 विमानों ने स्पाइसजेट के विमान को अफगानिस्तान सीमा तक सुरक्षित पहुंचाना बेहतर समझा. घटना 23 सितंबर की है. स्पाइसजेट का विमान नई दिल्ली से काबुल की उड़ान पर था. पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से गुजरते समय अचानक एफ-16 लड़ाकू विमानों ने उसे घेर लिया. असल में पाकिस्तान के एटीसी ने स्पाइसजेट के विमान के कॉल साइन कोड ‘एसजी’ को ‘आइए’ समझ लिया था. इससे उसे लगा कि यह इंडियन आर्मी या इंडियन एयरफोर्स का विमान है.

कांग्रेस ने सावरकर पर अपने रुख में बदलाव के संकेत दिए

कांग्रेस ने अनुच्छेद 370 और वीर सावरकर पर अपने रुख में बदलाव के संकेत दिए हैं. इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि पार्टी का मानना है कि आर्टिकल 370 संविधान के तहत अस्थायी प्रावधान था. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने संसद में इसे हटाने के पक्ष में वोट किया था लेकिन जिस तरह से अनुच्छेद 370 हटाया गया, कांग्रेस उसके विरोध में है. उधर, सावरकर को भारत रत्न देने के प्रस्ताव पर कांग्रेस की आलोचना के बाद अब मनमोहन ने कहा है कि पार्टी इस बात के खिलाफ नहीं है. उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने भी सावरकर की याद में डाक टिकट जारी किया था. मनमोहन सिंह ने कहा कि कांग्रेस सावरकर नहीं बल्कि उस हिंदुत्व की विचारधारा की विरोधी है जिसकी सावरकर वकालत करते थे.

मैक्सिको ने 311 भारतीयों को प्रत्यर्पित किया

अपनी तरह की पहली घटना मैक्सिको ने उन 311 भारतीयों को वापस भारत भेज दिया है. ये लोग अवैध तरीके से अमेरिका में घुसने की कोशिश कर रहे थे. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक मैक्सिको नेशनल माइग्रेशन इंस्टीट्यूट ने एक बयान जारी कर बताया कि ये लोग वैध दस्तावेजों के बिना देश में दाखिल हुए थे और पिछले कई महीनों से वहां रह रहे थे. इन भारतीयों को मैक्सिको के अलग-अलग हिस्सों से पकड़ा गया और फिर भारतीय दूतावास की मदद से उनकी पहचान की गई. अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मैक्सिको को चेतावनी दी है कि वह गैरकानूनी तरीके से अमेरिका घुसने वाले लोगों को रोके.