केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बार फिर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि किसी खास अवधि में कब और क्या गलत हुआ, इसे याद रखना बेहद जरूरी है. निर्मला सीतारमण ने यह टिप्पणी मनमोहन सिंह के उस आरोप के जवाब में की है जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा था कि एनडीए सरकार हमेशा अपने प्रतिद्वंद्वियों पर दोष मढ़ने की कोशिश करती है. मनमोहन सिंह ने कहा था कि अपने शासन में कुछ कमजोरियां जरूर थीं, लेकिन मोदी सरकार को प्रत्येक आर्थिक संकट के लिए यूपीए सरकार को दोष देना बंद करना चाहिए क्योंकि समाधान निकालने के लिए पांच साल का समय पर्याप्त होता है.

पीटीआई के मुताबिक इस पर निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘मैं आरोप-प्रत्यारोप में नहीं उलझने की बात कहने के लिए डॉ मनमोहन सिंह का सम्मान करती हूं, लेकिन किसी बाद का संदर्भ समझाने के लिए किसी खास अवधि में कब और क्या गलत हुआ, ये याद करना बहुत जरूरी है क्योंकि अब आरोप मुझ पर लग रहे हैं.’ इससे पहले निर्मला सीतारमण ने न्यूयॉर्क के कोलंबिया विश्वविद्यालय में कहा था कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को उनके सबसे बुरे दौर में पहुंचाने के लिए मनमोहन सिंह और रघुराम राजन (रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर) की जोड़ी जिम्मेदार है. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके समय में नेताओं के एक फोन कॉल पर ही कर्ज दे दिए जाते थे.