सुप्रीम कोर्ट ने पीएमसी बैंक से नगदी निकालने पर लगी रोक हटाने की मांग कर रहे इसके खाताधारकों की अपील पर विचार करने से मना कर दिया है. पीटीआई के मुताबिक शीर्ष अदालत ने कहा कि खाताधारक राहत के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं.

पीएमसी बैंक के कुछ अधिकारियों पर प्राइवेट रियल एस्टेट फर्म एचडीआईएल से सांठगांठ कर उसे कर्ज देने का आरोप है. बताया जा रहा है कि इसके चलते बैंक को 4355 करोड़ रु का नुकसान हो गया है जिससे आम ग्राहक जरूरत के हिसाब से पैसा नहीं निकाल पा रहे और उन पर अपनी गाढ़ी कमाई खोने का खतरा मंडरा रहा है. अब तक पीएमसी बैंक के तीन ग्राहकों की अलग-अलग कारणों से मौत की खबर आ चुकी है.

उधर, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा है कि उनकी इस मामले पर करीब से नजर है. खबरों के मुताबिक उनका कहना था, ‘चुनाव के बाद हम इस मुद्दे को केंद्र के पास ले जाएंगे. हम केंद्र से अनुरोध करेंगे कि वो पीएमसी खाताधारकों का पैसा वापस लाने में उनकी मदद करे.’

खस्ता माली हालत के चलते रिजर्व बैंक ने पीएमसी बैंक पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी हैं. उदाहरण के लिए इसके ग्राहक छह महीने में अपने खाते से 40 हजार रु से ज्यादा की रकम नहीं निकाल सकते. इससे ऐसे कई लोग परेशान हैं जिन्हें परिवार में शादी या फिर किसी दूसरे बड़े खर्च के लिए पैसे की जरूरत है. उधर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि ग्राहकों के हितों की रक्षा की जाएगी.