केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, ‘अभिजीत बनर्जी जी को नोबेल पुरस्कार मिला मैं उनको बधाई देता हूं. लेकिन उनकी समझ के बारे में आप सब जानते हैं. उनकी जो सोच है वह वामपंथ से प्रेरित है. उन्होंने न्याय (कांग्रेस की योजना) के गुणगान गाए थे. भारत की जनता ने उनकी सोच को पूरी तरह से खारिज कर दिया.’ पीयूष गोयल का यह बयान 2019 के लिए अर्थशास्त्र का नोबेल जीतने वाले अभिजीत बनर्जी के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत बहुत बुरी है.

कलकत्ता विश्वविद्यालय के बाद जेएनयू से पढ़े अभिजीत बनर्जी का कहना था कि भारत में लोग खर्च में कटौती कर रहे हैं और यह गिरावट जिस तरह से जारी है उससे लगता है कि इस पर काबू नहीं पाया जा सकता. उनका कहना था, ‘जहां तक मैं समझता हूं भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत बहुत ही खराब है. एनएसएस का डेटा देखें तो पता चलता है कि 2014-15 और 2017-18 के बीच शहरी और ग्रामीण भारत के लोगों ने अपने उपभोग में भारी कटौती की है. सालों बाद ऐसा पहली बार हुआ है. यह संकट की शुरुआत है.’

अभिजीत बनर्जी ने भारत में डेटा इकट्टा करने के तरीके में हुए विवादित बदलाव का भी जिक्र किया था. हाल में आरोप लगे हैं कि भारत सरकार विकास दर और राजस्व घाटे का जो डेटा दिखाती है वह असल नहीं है. ऐसा आरोप मोदी सरकार के आर्थिक सलाहकार रहे अरविंद सुब्रमण्यम भी लगा चुके हैं. अभिजीत बनर्जी ने भी कहा कि सरकार के डेटा पर कई तरह के संदेह हैं.

अर्थशास्त्र का नोबेल इस बार अभिजीत बनर्जी को फ्रांस की इश्तर डुफ्लो और अमेरिका के माइकल क्रेमर के साथ संयुक्त रूप से दिया गया है. इन्हें ये पुरस्कार वैश्विक स्तर पर गरीबी उन्मूलन के लिए किये गये इनके काम के लिये दिया गया है. समिति ने अपने बयान में कहा कि इन अर्थशास्त्रियों के प्रयोगधर्मी दृष्टिकोण ने मात्र दो दशक में विकास केंद्रित अर्थशास्त्र को पूरी तरह बदल दिया है. अभिजीत बनर्जी फिलहाल अमेरिका के मशहूर संस्थान मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में पढ़ाते हैं.