सरकारी तेल कंपनियों ने एयर इंडिया को ईंधन आपूर्ति रोकने का फैसला फिलहाल टाल दिया है. एयर इंडिया का तीन सरकारी तेल कंपनियों पर 5,000 करोड़ से ज्यादा का बकाया है, जिसे देखते हुए इन कंपनियों ने फैसला लिया था कि 18 अक्टूबर से उसे ईंधन की आपूर्ति नहीं की जाएगी. लेकिन, एयर इंडिया द्वारा भुगतान के आश्वासन के बाद ये फैसला टाल दिया गया है.

तेल कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक, ‘एयर इंडिया ने पत्र लिख कर उसकी ईंधन आपूर्ति नहीं रोकने का अनुरोध किया है और नियमित भुगतान करने का आश्वासन दिया है. इसे देखते हुए हमने ईंधन आपूर्ति रोकने के फैसले को टाल दिया है.’ एयर इंडिया ने जून और सितंबर दोनों बार तीनों कंपनियों को हर माह 100 करोड़ रुपये का भुगतान करने का वादा किया था ताकि उस पर ईंधन भुगतान के 5,000 करोड़ रुपये बकाये का निपटान हो सके. लेकिन कंपनी इसे पूरा करने में असफल रही है. तेल कंपनियों ने 5 अक्टूबर को एयर इंडिया को कहा था कि यदि उसने हर महीने एकमुश्त रकम का भुगतान नहीं किया तो 11 अक्ट्रबर से देश के छह प्रमुख हवाईअड्डों पर उसके विमानों को ईंधन आपूर्ति रोक दी जायेगी. बाद में इस तिथि को 18 अक्टूबर कर दिया गया. यह हवाई अड्डे कोच्चि, मोहाली, पुणे, पटना, रांची और विशाखापत्तनम हैं.

एयर इंडिया पर कुल 5,000 करोड़ रुपये के बकाए में 2,700 करोड़ रुपये इंडियन ऑयल के हैं. इसमें 450 करोड़ रुपये का ब्याज शामिल है. बाकी बकाया हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम पर है.