अमेरिका ने यूरोप को झटका देते हुए उसके साढ़े सात अरब डॉलर के सामानों पर शुल्क लगा दिया है. अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि और यूरोपीय संघ के अधिकारी अंतिम मौके पर शुल्क टालने को लेकर बातचीत कर रहे थे. शुक्रवार को वार्ता असफल होने के तुरंत बाद अमेरिका ने शुल्क लगाने की घोषणा कर दी.

पीटीआई के मुताबिक इस शुल्क में जिन सामानों को निशाना बनाया गया है, उनमें एयरबस, फ्रेंच वाइन और स्कॉटिश व्हिस्की प्रमुख हैं. विश्व व्यापार संगठन ने अमेरिका को यूरोपीय संघ के उत्पादों पर शुल्क लगाने की हाल ही में मंजूरी दी थी.

अमेरिका द्वारा शुल्क लगाए जाने से सबसे अधिक असर ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और स्पेन की संयुक्त विमानन कंपनी एयरबस पर पड़ेगा. शुल्क लगाने के बाद एयरबस के विमानों को अमेरिका में भेजना 10 प्रतिशत महंगा हो जाएगा. इसके साथ ही अब फ्रांस, स्पेन और जर्मनी के वाइन पर 25 प्रतिशत शुल्क लगेगा.

इस अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में यूरोप भी अमेरिका के प्रसिद्ध व राजनीतिक रूप से संवेदनशील उत्पादों पर शुल्क लगाने की तैयारी कर रहा है.

फ्रांस के वित्तमंत्री ब्रुनो ली मेयर ने अमेरिका के वाणिज्य मंत्री स्टीवन म्नुचिन के साथ बैठक के तुरंत बाद संवाददाताओं से कहा, ‘यूरोप विश्व व्यापार संगठन की रूपरेखा के दायरे में पलटवार के लिये तैयार है.’