अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कॉरपोरेट टैक्स में कटौती के भारत सरकार के हालिया फैसले का समर्थन किया है. उसका कहना है कि इसका निवेश पर सकारात्मक असर होगा. हालांकि आईएमएफ का यह भी कहना है कि भारत को वित्तीय हालात पर ध्यान देना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि लंबी अवधि के लिए इनमें स्थिरता रहे. खबरों के मुताबिक संस्था के एशिया-पैसिफिक विभाग के मुखिया चैंगयोंग री ने कहा, ‘मौद्रिक नीति के जरिये किए गए प्रोत्साहन उपाय और कॉरपोरेट टैक्स में कटौती से निवेश को नया जीवन मिलने की उम्मीद है.’

बीते दिनों आईएमएफ ने कहा था कि फिलहाल वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी से गुजर रही है जिसके कारण इस साल दुनिया के 90 प्रतिशत देशों में वृद्धि दर कम होगी. संस्था के मुताबिक भारत जैसी उभरती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर इस मंदी का असर कुछ अधिक है. आईएमएफ की नई प्रबंध निदेशक क्रिस्टैलीना जियॉर्जिएवा का यह भी कहना था कि मंदी की व्यापकता के कारण इस साल आर्थिक वृद्धि दर दशक के निचले स्तर पर आ जाएगी.

हाल में विश्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में भारत की विकास दर का अनुमान घटा दिया था. विश्व बैंक ने इसे छह फ़ीसदी कर दिया है. इससे पहले अप्रैल में उसने इसे 7.5 प्रतिशत बताया था.