अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने कहा है कि इस साल के अंत तक भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय रक्षा कारोबार 18 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की संभावना है. पीटीआई के मुताबिक अमेरिका के रक्षा खरीद और प्रमाणन उपमंत्री एलेन एम लॉर्ड ने यह बात कही. उनका यह भी कहना था कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच संबंध और सहयोग को आगे बढ़ाते हुए अमेरिका भारत के साथ अपनी साझेदारी मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है.

एलेन एम लॉर्ड का यह बयान अगले हफ्ते दिल्ली में होने वाली भारत-अमेरिका रक्षा तकनीक और कारोबार नवोन्मेष (डीटीटीआई) की सामूहिक बैठक से पहले आया है. लॉर्ड इस बैठक की सह अध्यक्षता करेंगी. पेंटागन में संवाददाताओं से उन्होंने कहा, ‘अमेरिका ने पिछले साल भारत को इंडिया स्ट्रैटजिक ट्रेड अथॉरिटी टियर1 का दर्जा दिया था जो कि भारत को नाटो सहयोगी जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जितने ही अधिकार देता है.’

उधर, रक्षा संबंधों के उलट भारत और अमेरिका के व्यापारिक संबंध आज दोराहे पर हैं. दोनों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है. दोनों ने एक दूसरे पर ऐसी पाबंदियां लगाई हैं जिनसे दोनों के व्यापारिक हितों को नुकसान पहुंच रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार कई बार कह चुके हैं कि भारत उनके देश के उत्पादों पर आयात शुल्क कम करे नहीं तो वे भी भारतीय उत्पादों पर लगने वाले शुक्ल में बढ़ोतरी कर देंगे.