रेट्रो स्टाइल के दो-पहिया वाहनों की वापसी के दौर में अब बजाज ऑटो भी शामिल हो गई है. कंपनी ने भारतीय बाज़ार में अपने आइकॉनिक स्कूटर चेतक के रीलॉन्च का ऐलान किया है. हालांकि इस बार यह स्कूटर पेट्रोल की बजाय बिजली से चलने वाला यानी इलेक्ट्रिक होगा. बजाज इस स्कूटर को अपनी नई इलेक्ट्रिक इकाई अर्बनाइट के तहत बेचेगी. कयास है कि नया चेतक 2020 के शुरुआती महीनों में सड़कों पर दौड़ता नज़र आ सकता है.

लुक्स के लिहाज से चेतक इलेक्ट्रिक अपने पुराने मॉडल से ही प्रभावित दिखता है. स्कूटर के फ्रंट ऐप्रॉन और टेललाइट के नीचे बजाज लोगो दिया गया है. क्रोम बेज़ल के साथ एलईडी हैडलैंप और एलईडी डीआरएल रिंग इस स्कूटर को प्रीमियम फील देती हैं. प्रमुख ऑटोवेबसाइट्स के मुताबिक नए चेतक में फीदर टच-एक्टिवेटेड इलैक्ट्रॉनिक स्विच, सिंगल पीस सीट, बड़ी सिल्वर ग्रैब रेल्स और मल्टीस्पोक अलॉय व्हील्स दिए जा सकते हैं. नए चेतक की सबसे बड़ी खूबी इसका कनेक्टेड होना है. यानी यह इलेक्ट्रिक स्कूटर डाटा कम्यूनिकेशन की मदद से अपनी लोकेशन, चोरी, दुर्घटना और अनाधिकृत उपयोग की जानकारी अपने मालिक को उपलब्ध करवाएगा.

परफॉर्मेंस के लिहाज से नए चेतक को आईपी67 रेटेड हाई-टेक लीथियम आयन बैटरी से लैस किया जा सकता है जो सामान्य 5-15 एंपियर के स्विच से चार्ज हो सकेगी. एक बार फुल चार्ज होने पर यह बैटरी स्कूटर को 100 किलोमीटर तक चला पाने में सक्षम है. ई-चेतक में दो राइडिंग मोड्स- ईको और स्पोर्ट मिलेंगे. साथ ही स्कूटर के साथ रिवर्स असिस्ट मोड भी दिया जाना है. बजाज ऑटो ने अभी तक इस स्कूटर की कीमतें सार्वजनिक नहीं की हैं लेकिन जानकारों के मुताबिक नया चेतक घर लाने के लिए आपको तकरीबन 1.5 लाख रुपए (एक्सशोरूम) चुकाने होंगे.

डैटसन गो और गो+ के साथ सीवीटी गियरबॉक्स

जापान की कार निर्माता कंपनी डैटसन ने भारत में अपनी हैचबैक गो और कॉम्पैक एमपीवी (मल्टीपरपज व्हीकल) गो+ के साथ सीवीटी (कंटीन्युअस वेरिएबल ट्रांसमिशन) वैकल्पिक तौर पर पेश किया है. सीवीटी गियरबॉक्स से लैस होने वाली गो और गो+ सेगमेंट की पहली कारें हैं. आमतौर पर हम में से कई सीवीटी और ऑटोमेटेड मैनुअल ट्रांसमिशन (एएमटी) को एक सा ही मानने की भूल करते हैं. लेकिन परफॉर्मेंस के मामले में सीवीटी, एएमटी से कहीं बेहतर है.

लुक्स के मामले में डैटसन ने अपनी इन कारों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है. लेकिन गो और गो+ के साथ कई नई ख़ूबियां जोड़ी गई हैं. इनमें एंड्रॉइड ऑटो और एपल कारप्ले जैसी स्मार्टफोन कनेक्टिविटी वाला 7-इंच का नया टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम प्रमुख है. इसके अलावा डैटसन ने दोनों कारों को सुरक्षा के लिहाज से पहले से उन्नत बनाया है. गो और गो+ के साथ कंपनी ने सेगमेंट का पहला व्हीकल डायनामिक कंट्रोल (वीडीसी) दिया है और इन कारों की फ्रंट और साइड क्रैश परफॉर्मेंस को भी बढ़ाया है. साथ ही इन दोनों कारों को डुअल एयरबैग्स, एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टम के साथ ईबीडी व ब्रेक असिस्ट, रिवर्स पार्किंग सेंसर के साथ फॉलो-मी-होम हैडलैंप्स और स्पीड सेंसिंग ऑटो डोरलॉक जैसे सेफ्टी फीचर्स से लैस किया गया है.

परफॉर्मेंस के लिहाज से गो और गो+ सीवीटी में कंपनी ने मौजूदा 1.2-लीटर का तीन-सिलेंडर वाला पेट्रोल इंजन दिया है जो 67 बीएचपी पॉवर और 104 एनएम का पीक टॉर्क पैदा करने में सक्षम है. कंपनी ने इन कारों के साथ 2 साल की वारंटी उपलब्ध करवाई है जिसे ग्राहक पांच साल के लिए बढ़वा सकते हैं. डैटसन ने गो और गो+ सीवीटी के लिए क्रमश: 5.94 लाख रुपए और 6.58 लाख रुपए कीमत तय की है.

मारुति-सुज़ुकी एस-प्रेसो का बाज़ार में कमाल

हाल ही में लॉन्च हुई मारुति-सुज़ुकी की एस-प्रेसो को बाज़ार से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है. लॉन्च होने के दो सप्ताह से भी कम समय में इस मिनी एसयूवी कार को दस हजार से ज्यादा बुकिंग मिल चुकी हैं. जानकारों का कहना है कि भारी मंदी के बीच एस-प्रेसो का यह प्रदर्शन मारुति के लिए बड़ी राहत लेकर आया है.

एस-प्रेसो मारुति की कॉन्सेप्ट कार फ्यूचर-एस पर आधारित है जिसे कंपनी ने ऑटो एक्सपो-2018 में शोकेस किया था. मारुति-सुज़ुकी ने एस-प्रेसो को उसी हर्टेक्ट प्लेटफॉर्म पर तैयार किया है जिसे कंपनी वैगन-आर, स्विफ्ट, डिज़ायर और बलेनो जैसी गाड़ियों के निर्माण में इस्तेमाल कर चुकी है. परफॉर्मेंस के लिहाज से कंपनी ने एस-प्रेसो के साथ अपनी हैचबैक ऑल्टो के10 वाला 1.0 लीटर क्षमता का इंजन जोड़ा है. बीएस-6 मानकों पर खरा उतरने वाला यह इंजन 5,500 आरपीएम पर 67 बीएचपी और 3,500 आरपीएम पर 90 एनएम का अधिकतम टॉर्क पैदा कर पाने में सक्षम है. इस इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड ऑटोमेटिक दोनों ही गियरबॉक्स वैकल्पिक तौर पर जोड़े गए हैं. मारुति ने एस-प्रेसो के लिए 3.69 लाख रुपए से शुरुआती कीमत तय की है जो 4.91 लाख रुपए (एक्सशोरूम दिल्ली) तक जाती है.