भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित तुर्की यात्रा रद्द करने का फैसला किया है. खबरों के मुताबिक यह फैसला तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर मुद्दा उठाने और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बैठक में तुर्की के खुलकर पाकिस्तान का साथ देने की वजह से लिया गया है.

द हिंदू ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया है कि बीते जून में ओसाका में नरेंद्र मोदी और एर्दोआन की मुलाकात के दौरान इस यात्रा को लेकर चर्चा हुई थी, यह यात्रा इस साल के अंत में होनी थी. सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बड़े निवेश सम्मेलन में भाग लेने के लिए 27-28 अक्टूबर को सऊदी अरब जा रहे हैं. सऊदी अरब से ही उन्हें तुर्की जाना था, लेकिन अब वह वहां नहीं जाएंगे. नरेंद्र मोदी को तुर्की यात्रा के दौरान व्यापार और कई रक्षा सौदों पर बात करनी थी.

हालांकि, न्यूज़18 ने भारतीय विदेश मंत्रालय के एक सूत्र के हवाले से कहा है, ‘इस यात्रा को कभी भी अंतिम रूप नहीं दिया गया था, इसलिए रद्द करने का कोई सवाल ही नहीं है.’