पाकिस्तान की तरफ से की गई गोलीबारी का भारतीय सेना ने जोरदार जवाब दिया है. यह खबर आज सभी अखबारों के पहले पन्ने पर है. भारतीय सेना ने तंगधार सेक्टर में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में स्थित आतंकी कैंपों पर हमला किया है. सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने खुद चार आतंकी कैंपों के तबाह होने की पुष्टि की है. जनरल रावत ने कहा कि भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में छह से दस पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और तकरीबन इतने ही आतंकी भी हताहत हुए हैं.

पैगंबर के खिलाफ फेसबुक पोस्ट के बाद बांग्लादेश में हिंसा, पुलिस फायरिंग में चार की मौत

बांग्लादेश में पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ एक फेसबुक पोस्ट के खिलाफ हो रहा प्रदर्शन कल हिंसा में बदल गया. दैनिक जागरण के मुताबिक इसके बाद हुई पुलिस फायरिंग में चार लोग मारे गए और करीब 50 घायल हो गए. घटना ढाका से 116 किलोमीटर दूर भोला जिले में हुई. बताया जा रहा है कि फेसबुक पर पोस्ट हिंदू समुदाय के एक व्यक्ति ने की थी. पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से उसे पहले ही हिरासत में ले लिया था. उधर, उसने पैगंबर के खिलाफ कोई पोस्ट करने से इन्कार किया है. इस शख्स का कहना है कि उसका फेसबुक अकाउंट हैक कर लिया गया था जिसकी शिकायत उसने पुलिस से भी की थी.

पाकिस्तान ने पहली बार भारत के साथ डाक सेवा रोकी

पाकिस्तान ने भारत के साथ डाक सेवा रोक दी है. ऐसा उसने पहली बार किया है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक पाकिस्तान ने यह कदम जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाने के जवाब में उठाया है. डाक सेवाओं के निदेशक आरवी चौधरी ने बताया कि पाकिस्तान ने करीब डेढ़ महीने पहले भारत से कोई डाक स्वीकार की थी. भारत में कुल 28 फॉरेन पोस्ट ऑफिस (एफपीओ) हैं जो विदेशी डाक सेवाओं का काम देखते हैं. इनमें से दिल्ली और मुंबई के एफपीओ पाकिस्तान से जुड़ी डाक को देखते हैं.

‘बटन कोई भी दबाओ, वोट भाजपा को जाएगा’

हरियाणा और महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव से एक दिन पहले ईवीएम को लेकर भाजपा के एक विधायक के वीडियो पर विवाद हो गया है. हरियाणा की असंध सीट से भाजपा विधायक बक्शीश सिंह विर्क को इस वीडियो में यह कहते सुना जा सकता है कि ईवीएम में बटन कोई भी दबाओ वोट भाजपा को ही जाएगा. द हिंदू के मुताबिक विपक्षी दलों ने इसकी चनाव आयोग से शिकायत की है. इसके बाद आयोग ने असंध सीट के लिए पूर्व प्रशासनिक अधिकारी विनोद जुत्शी को विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिया है.

कश्मीर के स्कूलों में उपस्थिति 20 फीसदी, जम्मू में 100 फीसदी

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 निष्प्रभावी किए जाने के करीब ढाई महीने बाद कश्मीर घाटी में स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बमुश्किल 20 फीसदी पहुंच सकी है. द ट्रिब्यून के मुताबिक जम्मू संभाग में मामला उलट है जहां यह आंकड़ा 100 फीसदी हो गया है. अखबार के मुताबिक अधिकारियों ने यह जानकारी दी है. उधर, राज्य के महिला और बाल संरक्षण आयोग ने प्रशासन से कहा है कि वह स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करे. राज्य में करीब 21 हजार स्कूल हैं.